रोहतक। गेहूं की फसल पर बोनस और खराब हुई फसल के मुआवजे को लेकर हुई महापंचायत के बाद अखिल भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए गांव रुखी से रवाना हुए। पुलिस ने किसानों को गांव ब्राह्मणवास के पास रोकने का प्रयास किया तो किसान सड़क के बीचोंबीच बैठकर रोहतक-सोनीपत मार्ग पर जाम लगा दिया। किसानों का कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। जिला प्रशासन के आला अधिकारी किसानों को मानने में जुटे रहे। देर रात तक जब वह नहीं माने तो पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को गांव रुखी स्थित चौपाल में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह की अध्यक्षता में महापंचायत हुई। पंचायत में प्रदेश भर से एक हजार से अधिक अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। गेहूं के समर्थन मूल्य में भी मामूली वृद्धि की गई है। बोनस की मांग को लेकर वे कई बार सरकार से मांग कर चुके हैं, परंतु इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। तीन घंटे चली इस महापंचायत में सहमति हुई कि तीन सौ रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गेहूं की खराब हुई फसल का मुआवजा 25 हजार रुपये प्रति एकड़ दिया जाए। साथ ही सरकार का प्रतिनिधि आकर उन्हें लिखित में यह आश्वासन दे।
पंचायत के बाद अधिकारियों ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। जब किसानों व जिला प्रशासन के बीच बातचीत सिरे नहीं चढ़ी तो किसान गांव रुखी सेमुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए चल पडे़। हालांकि पहले से ही जिला प्रशासन अलर्ट था और गांव ब्राह्मणवास के पास पुलिस ने बेरीकेट लगाए रखे। जब किसान वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसानों ने वहीं पर अपना डेरा डाल लिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी तब तक वे सड़क से नहीं उठेंगे। जाम के कारण पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्ते से निकालना शुरु कर दिया। पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा, एसडीएम जगदीश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी किसानों को मनाने के लिए मौके पर पहुंचे और उनसे बातचीत की। कई घंटे तक अधिकारी उन्हें मनाने में जुटे रहे, बाद में देर रात पुलिस ने किसानो को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर अलग-अलग जेलों में भेज दिया।