बाढड़ा (भिवानी)। बाढड़ा में प्रस्तावित टमाटर प्रोसेसिंग कारखाने को लेकर कृषि मंत्री ने विधानसभा में हाथ खड़े कर दिए हैं। इस कारखाने के लिए 12 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया था, लेकिन विधानसभा में प्रशभनकाल के दौरान इनेलो विधायक के सवाल पर कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने बाढड़ा क्षेत्र में टमाटर प्रोसेसिंग कारखाना लगाने की योजना से इनकार कर दिया। इससे बाढड़ा क्षेत्र के टमाटर उत्पादकों को गहरा झटका लगा है।
मुख्य संसदीय सचिव धर्मबीर सिंह की अध्यक्षता में 3 अगस्त 2008 को बाढड़ा अनाज मंडी में आयोजित जनसभा में टमाटर उत्पादक किसानों की पैरवी करते हुए धर्मबीर सिंह ने क्षेत्र के गांव झोझू या बादल में टमाटर प्रोसेसिंग कारखाना लगाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वीकृति देते हुए कृषि विपणन बोर्ड के बजट से लगभग 12 करोड़ की राशि भी देने का ऐलान किया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में टमाटर की फसल को बर्बादी से बचाने के लिए स्टोरेज, सोस फैक्टरी व ओपन मंडी का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसके लिए बादल गांव को चयनित किया गया। सीएम के आदेश पर मार्केटिंग बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन शादीलाल बतरा, सीपीएस धर्मबीर सिंह व बोर्ड के महानिदेशक ने बादल में भूमि का निरीक्षण कर हरी झंडी दे दी थी लेकिन बाद में इसे रातोंरात रुदड़ौल ट्रांसफार्मर कर दिया गया। रुदड़ौल में भूमि की कमी होने पर दो वर्ष पहले चांदवास ग्राम पंचायत की बीस एकड़ शामलाती भूमि का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। लेकिन प्रदेश में बीते विधानसभा चुनाव के बाद कृषि विपणन बोर्ड ने इस योजना पर काम बंद कर दिया।
शुक्रवार को इनेलो विधायक कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने बाढड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित टमाटर कारखाने की मौजूदा स्थिति व निर्माण कार्य कब तक शुरू करने संबंधी प्रश्न किया तो कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के बादल गांव में टमाटर परचेजिंग मंडी की स्थापना के लिए बादल गांव का चयन किया गया था, लेकिन जमीन के समतल न होने, मुख्य सड़क से दूर होने व ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण यह प्रस्ताव रद कर दिया गया है। उन्होंने भविष्य में बाढड़ा क्षेत्र में इस प्रकार की कोई योजना नहीं लगाने की बात भी कही। इनेलो विधायक ने कृषि मंत्री को टोकते हुए कहा कि यह तो तीन वर्ष पुराना उत्तर है और मौजूदा समय में चांदवास में यह योजना प्रस्तावित थी जिस पर यूटर्न लेना सरकार का जायज कदम नहीं है। इस पर कृषि मंत्री ने कुछ भी जवाब नहीं दिया।
इनेलो विधायक कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने बताया कि प्रदेश सरकार जानबूझ कर भिवानी जिले के साथ विकास में सौतेला बर्ताव कर रही है। खेल नर्सरी भिवानी की बजाए महम में लगाने और टमाटर कारखाना भी यहां से झज्जर तबदील करने का विचार करके सरकार ने क्षेत्र के किसानों के साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने सरकार के हाईटेक होने के दावे पर भी सवालिया निशान लगाते हुए दावा किया कि वर्ष 2009 के निर्णय को ही अमल में लाना सदन की गरिमा के खिलाफ है।