फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपाल को आश्रम में न आने देने का प्रस्ताव पास

Mon, 04 Mar 2013 05:31 AM IST
Rohtak
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। सतलोक आश्रम को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को लेकर आर्य समाजियाें ने करौंथा आश्रम में रामपाल को न आने देने का प्रस्ताव पास किया। आर्य समाजियों ने कहा कि किसी भी सूरत में करौंथा आश्रम में सत्संग नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें जान ही क्यों न देनी पडे़। इस मामले में अंतिम निर्णय लेने के लिए 11 मार्च को सर्वखाप पंचायत बुलाई है।
विज्ञापन

रविवार को दयानंद मठ में हुई विशेष बैठक में हरियाणा गौशाला संघ सहित विभिन्न आर्य समाजी संगठन की बैठक हुई। बैठक में आचार्य बलदेव ने कहा कि रामपाल का मामला बहुत ही संवेदनशील है। दोबारा से आश्रम खुलने से आर्य समाज के साथ-साथ आम लोगों को ठेस पहुंचेगी। सतबीर शास्त्री ने प्रस्ताव रखा कि रामपाल को आश्रम में नहीं आने दिया जाएगा। प्रस्ताव का सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया। आर्य समाजियों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर रामपाल को आश्रम में प्रवेश नहीं करने देंगे। 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी थी और इसके बाद आश्रम रामपाल को सौंपने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद आर्य समाजियों ने रामपाल के विरुद्ध आंदोलन छेड़ दिया। अभी आश्रम धारा 145 के तहत जिला प्रशासन के कब्जे में है। बैठक में निर्णय हुआ कि रामपाल आश्रम मामले को लेकर 11 मार्च को सर्वखाप पंचायत में निर्णय लिया जाएगा।
8 जुलाई 2006 को करौंथा आश्रम के संत रामपाल और आर्य समाजियों के बीच तनातनी हो गई थी। चार दिन तक चले इस घटनाक्रम में एक युवक की मौत हो गई थी और 59 लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में सदर पुलिस ने आश्रम के संचालक संत रामपाल समेत 33 अनुयायिओं के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जिला प्रशासन ने धारा 145 के तहत आश्रम को अपने कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें