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अपहरण के पांच आरोपी मुठभेड़ के बाद काबू

Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
Rohtak
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रोहतक/सोनीपत। गांव बसाना के पास दस दिन पहले फोरच्यूनर गाड़ी से बिजनेसमैन के 17 वर्षीय बेटे का अपहरण करने वाले पांच कुख्यात बदमाशों को सोनीपत और रोहतक पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में असलाह, एक स्विफ्ट गाड़ी, पुलिस की वर्दियां और 28 लाख रुपये की नगदी बरामद की है। पुलिस महानिरीक्षक की देखरेख में पुलिस टीमों ने बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के सरगना के खिलाफ सोनीपत, मुरथल, घरौंडा, समालखा सहित अन्य स्थानों पर दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गिरोह के सदस्यों की रोहतक, सोनीपत, पानीपत सहित सात जिलों की पुलिस को 24 मामलों में तलाश थी। पुलिस महानिरीक्षक ने संयुक्त टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई है।
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पुलिस महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने बताया कि तीन नवंबर को गुड़गांव के एक बिजनेसमैन अपने 17 वर्षीय बेटे अमित के साथ फोरच्यूनर गाड़ी से राजस्थान स्थित गुगामाड़ी धाम से वापस आ रहे थे। जब वे गांव बसाना के पास पहुंचे तो बाइक सवार पुलिस की वर्दी में आए दो युवकों ने उनकी गाड़ी को रुकवा लिया। जैसे ही उन्होंने गाड़ी रोकी तो पांच-छह अन्य युवक आए और उन्हें अगवा कर लिया। अगले ही दिन बदमाश बिजनेसमैन को श्री बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के पास छोड़कर उसके बेटे को अपने साथ ले गए। बिजनेसमैन ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई भी कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया। पांच नवंबर को बदमाशों ने फोन कर बिजनेसमैन से पचास लाख रुपये की फिरौती मांगी। जिस पर सात नवंबर को पीड़ित परिवार ने अपहरणकर्ताओं को 37 लाख रुपये देकर अपने बेटे को छुड़वा लिया। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक ने पूरे मामले में सोनीपत व रोहतक पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए और पूरे मामले का सुपरविजन करते हुए मामले के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया गया।
12 नवंबर की रात सोनीपत पुलिस के एसआईटी टीम के प्रभारी को सूचना मिली कि गांव कामी के पास से कुछ बदमाश कार से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसआईटी प्रभारी ने सोनीपत सदर, पुलिस उपाधीक्षक उषा कुमार को भी इस बारे में अवगत कराया। इसी दौरान अपराध जांच शाखा की टीम भी इसी क्षेत्र में जांच पड़ताल कर रही थी। जब उन्होंने इस बारे में पता चला तो चारों टीमें गांव कामी के पास पहुंची। पुलिस टीम ने एक बाइक व कार को रुकने का इशारा किया। युवकों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए कामी निवासी देवेंद्र उर्फ लीलू, संदीप, आशीष और मोहना निवासी सुनील को काबू किया। देवेंद्र उर्फ लीलू इस गैंग का सरगना है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्जनभर मामले दर्ज हैं। साथ ही अन्य सदस्यों की भी सात जिलों की पुलिस को तलाश थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपहरण कांड का खुलासा किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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ये हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फिरौती की रकम में से 28 लाख रुपये, दो देसी पिस्तौल, दो देसी रिवाल्वर, एक बंदूक, 11 राउंड गोलियां, चार गोलियों के खोल, एक स्विफ्ट डिजायर कार, एक बाइक और दो हरियाणा पुलिस की वर्दियां बरामद की है।

टीम को किया पुरस्कृत
आईजी आलोक मित्तल ने अपहरण मामले का पटाक्षेप करने वाली टीम के सदस्यों को नगद इनाम और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। मित्तल ने कहा कि पुलिस टीमों की सक्रियता के चलते बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का सरगना देवेंद्र उर्फ लीलू को पहले दस मामलाें भी गिरफ्तार कर किया चुका है। सोनीपत व रोहतक पुलिस के संयुक्त अभियान की यह बड़ी कामयाबी है।
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