सांपला। किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई लगभग पूरी कर ली है। जो बची हुई है उसकी दिन रात कटाई में लगे हुए हैं।अब मंडी में भी आवक कम होने लगी है। कृषि विभाग ने खरीफ की फसलों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।
इसके अलावा मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने को लेकर भी कृषि वैज्ञानिकों व आला अधिकारियों ने बैठक कर विचार विमर्श किया है। कृषि विभाग की तरफ से किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले बीज अभी नहीं मिलेंगे। चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है। बताया गया गेहूं सरसों कटाई के बाद विभाग की तरफ से हरी खाद के लिए सब्सिडी पर जंतर दिया जाता था। इसके अलावा मूंग की खेती के लिए भी किसानों को सब्सिडी दी जाती थी। ये दोनों भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में बहुत कारगर साबित होती है। जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. करमचंद ने बताया कि गेहूं की करीब 95 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। जिन किसानों के खेत खाली हो चुके हैं वह भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद व मूंग की बिजाई कर सकते हैं। यह कम खर्च और कम समय में तैयार होने वाली फसल है।