कुत्ते और बंदरों के आतंक से खौफजदा डॉक्टर
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की अनदेखी इन दिनों धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों पर भारी पड़ रही है। कुत्ते और बंदरों के आतंक से डॉक्टर और उनके परिजन खौफजदा है। बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से सभी में रोष है कि अब वह इस समस्या से निपटान के लिए किससे गुहार लगाएं।
पीजीआईएमएस कैंपस की हरियाली का आनंद बंदर और कुत्ते भी बखूबी उठा रहे हैं। यहां से इन्हें निकालने के चक्कर में कई सुरक्षा गार्ड तो चोट खा चुके हैं। आए दिन बंदर और कुत्ते यहां रहने वाले लोगों और बच्चों को काट रहे हैं। कैंपस में रह रही महिला डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की मानें तो सबसे अधिक समस्या निचले कर्मचारियों और बच्चों को हो रही है। जैसे ही ये खुले में आते हैं इन्हें ये जानवर अपना शिकार बना लेते हैं। घरों में बंदरों को भगाने के लिए कुछ लोगों ने स्पेशल इंतजाम कर रखे हैं और कुछ ने डर के चलते अपना पूरा घर कवर करवा लिया है।
बंदर ने काटा, बचने के लिए भागे तो तुड़वाई टांग
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सेक्टर 14 निवासी प्रशांत ने बताया कि उनके 74 वर्षीय पिता डॉ. हरिश चंद्र तलवार सेवानिवृत्त हैं। पांच दिन पहले घर पर उन पर एक बंदर ने हमला कर दिया और व सीढ़ी से गिर गए और उनके दोनों पैर में फैक्चर आ गया। इस घटना को बीते अधिक समय नहीं बीता कि शनिवार को उनकी पत्नी दिशा को भी बंदर ने ग्राउंड फ्लोर पर ही पैर पर काट लिया। अब ऐसे में लोग बंदरों के डर से न तो छत पर जाएं और न ही घर में रहे तो कहां जाएं। नगर निगम न तो बंदरों को पकड़वा रहा है और न ही कुत्तों के लिए कोई कार्रवाई कर रहा है। बच्चों के लिए बंदर सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं।