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जसिया में भूमि पूजन के विरोध को लेकर दोनों पक्ष में हुई पंचायत

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जसिया में भूमि पूजन के विरोध को लेकर दोनों पक्ष में हुई पंचायत
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- फैसला न होने पर पांच सदस्यों की बनी कमेटी
- रैली को लेकर शुक्रवार को करेंगे फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जसिया में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की रैली और भूमि पूजन को लेकर उठ रहे विरोध के कारण बृहस्पतिवार को भालौठ में पंचायत बुलाई गई। जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान पैदा होने वाले मतभेद को लेकर कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी। बुजुर्गों ने समाज के हित का हवाला देकर दोनों पक्षों को शांत किया। एक पक्ष रैली के समर्थन में दिखा, जबकि दूसरे पक्ष ने यशपाल मलिक पर धोखाबाजी करने का आरोप लगाया और रैली न करने के पक्ष में रहे। पंचायत में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। निर्णय लेने के लिए पांच-पांच मुख्य लोगों की कमेटी बनाई गई है। पंचायत की अध्यक्षता जिला पार्षद एवं पूर्व सरपंच सतीश भालौठ ने की। अब रैली को लेकर निर्णय लेने को शुक्रवार को मीटिंग रखी गई है।
बृहस्पतिवार को भालौठ गांव के जमना दास मंदिर में जसिया रैली को लेकर दोनों पक्षों की पंचायत बुलाई गई। जिसमें दोनों पक्षों से सरपंचों और अधिकतर गांवों के बुजुर्ग और युवाओं ने भाग लिया। दोनों पक्षों की ओर से पंचायत में अपने-अपने विचार रखे। जसिया में 26 नवंबर को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में होने वाली रैली के पक्ष में एक खेमा मैदान में उतरा रहा। जबकि दूसरे पक्ष का विरोध जारी रहा। पंचायत की अध्यक्षता कर रहे भालौठ के पूर्व सरपंच और जिला पार्षद सतीश ने कई बार स्थिति को संभालने की कोशिश की और पंचायत में मौजूद लोगों को शांत करने की कोशिश की। देर शाम तक पंचायत चलती रही, लेकिन कोई भी फैसला नहीं लिया जा सका। इसके बाद फैसला लेने के लिए जेल से आए युवाओं के साथ बैठकर मीटिंग ली गई। लेकिन उसमें भी विरोध के कारण कोई निर्णय नहीं हुआ।
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पंचायत में मनीष की मां भी रही मौजूद
पंचायत के दौरान मीनू मकड़ौली ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने जेल गए लोगों को छुड़ाने व गोली लगने से शहीद हुए लोगों के लिए एकजुट होने की बात कही। दौरान मनीष की मां भी पंचायत में मौजूद रही। जिनके साथ हुए व्यवहार पर चर्चा के दौरान उसकी आंखों में अंासू आ गए।
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प्रशासन तैयारी में जुटा
जाट संघर्ष समिति की ओर से भूमि पूजन करने व एक खेमे द्वारा उसके विरोध की घटना के बाद प्रशासन को एक बाद फिर से माहौल बिगड़ने की आशंका है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने अधिकारियों की बैठक ली। इसके साथ पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा की तैयारी पर बैठक ली। इस दिन पुलिस ने भारी संख्या बल में पुलिस बल तैनात करने की योजना है।
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