पानी की उपलब्धता के बावजूद सूखे 42 जोहड़
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गर्मी में पशुओं के लिए वरदान एवं वॉटर चार्जिंग के लिए गांव में बने जोहड़ पंचायतों की निष्क्रियता से सूख गए हैं। ऐसे में पशुओं के सामने भी पीने के पानी का संकट हो गया है। जिले को निर्धारित 927 क्यूसेक नहरी पानी की बजाय 527 क्यूसेक पानी ही उपलब्ध हो पाता है। 73 वॉटर चैनल के माध्यम से 55 वॉटर वर्क्स को पानी दिया जाता है। इसके लिए 147 क्यूसेक नहरी पानी निर्धारित की हुई है। बाकी बचे 380 क्यूसेक पानी से सिंचाई एवं जिले के 166 जोहड़ों में पानी भरा जाता है। गर्मी के दिनों में आलम यह रहता है कि नहरी पानी से मुश्किल से पेयजल एवं जोहड़ भरने की व्यवस्था हो पाती है। गर्मी के सीजन में सिंचाई विभाग की तरफ से पानी उपलब्ध कराने के बावजूद 42 जोहड़ सूखे रह गए।
चैनल से जोहड़ तक नहीं बिछाई गई पाइप लाइन
सिंचाई विभाग की तरफ से गांवों के जोहड़ को भरने के लिए नहरों से पानी पहुंचाया जाता है। वहां से जोहड़ तक नहरी पानी लाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। पानी छोड़ने से पहले सिंचाई विभाग पंचायत को पाइप लाइन बिछाने के लिए पत्र लिखता है। इस बीच इस वर्ष जिले की 124 गांवों की पंचायतों ने पाइप लाइन बिछाकर पानी से जोहड़ भर लिए। 42 पंचायतें पाइप लाइन का इंतजाम ही नहीं कर पाई। ऐसे में इन गांवों में पशुओं एवं वॉटर रिचार्ज की व्यवस्था बिगड़ना लाजिमी है। अब इसके बाद इन गांव के लोग अच्छे मानसून के भरोसे हैं।
हमारी ओर से सभी 166 जोहड़ भरने के लिए पानी दे दिया गया था। लेकिन 42 पंचायतें पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं कर पाई। यदि पंचायतें पाइप लाइन बिछाए तो अभी भी पानी की आपूर्ति की जा सकती है। - प्रवीण कुमार दहिया, एसई सिंचाई विभाग, रेवाड़ी सर्कल