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यूपी और राजस्थान की पशुपालन डेयरी और बागवानी की तकनीक को जानने जाएंगे अधिकारी

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यूपी और राजस्थान की पशुपालन डेयरी और बागवानी की तकनीक को जानने जाएंगे अधिकारी
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मेले के दूसरे दिन कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने चर्चा के दौरान लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पशुपालन डेयरी और बागवानी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अपनाई जा रही बेहतरीन प्रक्रिया को जानने के लिए हरियाणा कृषि विभाग अधिकारियों की एक टीम इन प्रदेशों में भेजेगा। इस का फैसला मेला ग्राउंड में चल रहे तृतीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 मेले के दूसरे दिन लिया गया। यह फैसला कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ओपी धनखड़ अध्यक्षता में राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी और यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रकाश साही के साथ चर्चा के दौरान लिया।
राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी ने बताया कि राजस्थान में कुछ मसालों की किस्म विश्व में अनूठी है और अभी हाल ही में छह कृषि विश्वविद्यालयों से अध्ययन करवाया गया है कि जिन्होंने सिफारिश की है कि भौतिकी जियाजिंद खेती से राजस्थान में कैंसर की दवा तैयार की जा सकती है। चर्चा के दौरान ओपी धनखड़ ने कहा कि किसानों को मौसम व बाजार जोखिम फ्री बनाना समय की आवश्यकता है और टिकाऊ खेत व क्लाईमेट स्मार्ट खेती इसका बेहतर विकल्प है। उन्होंने बताया कि हमारे सामने चुनौती बहुत है, कहीं पानी भराव की समस्या है और कही पानी की कमी है। गेहूं व धान परंपरागत फसलों से किसानों का रूझान फल, फूल, सब्जी व डेयरी की ओर बढ़ाया जा रहा है।
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चर्चा में हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री करण देव कम्बोज, हैफेड के चेयरमैन व विधायक हरविंद्र कल्याण, विधायक श्याम सिंह राणा, डॉ. पवन सैनी, महिपाल ढांडा, जसबीर देशवाल, हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषिराज शर्मा भी उपस्थित थे। इस दौरान राजस्थान व उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्रियों ने ओपी धनखड़ का आभार व्यक्त किया।
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