नेफ्रोलॉजी विभाग में चल रही कालाबाजारी पर अधिकारी मौन ----
- अलमारी बंद, थैले से चल रही दवा की दुकान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लाला श्याम लाल अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के नेफ्रोलॉजी विभाग में चल रही कालाबाजारी पर अधिकारी मौन हैं। यहां वार्ड में भले ही निजी व्यक्ति की ओर से अलमारी से डायलिसिस की दवा उपलब्ध कराना बंद हो गया है। लेकिन अब यह सिलसिला थैले पर आ गया है। निजी व्यक्ति थैले में दवा ला कर विभाग में मरीजों को उपलब्ध करा रहा है।
संस्थान के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में नेफ्रोलॉजी विभाग का डायलिसिस सेंटर मरीजों की जेब काट रहा है। मरीजों के पास यहां आने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि यहां आने वाले मरीज इसकी शिकायत भी नहीं कर सकते। क्योंकि यदि पीजीआईएमएस उनका डायलिसिस करने से मना करता है तो उनके पास दिल्ली, गुड़गांव जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। मंगलवार को नियमों को ताक पर रख कर निजी व्यक्ति का आवागमन संस्थान में जारी रहा। वहीं मरीजों के परिजनों ने बताया कि उनकी मजबूरी है जो चल रहा है उसी हिसाब से वह चलें। क्योंकि विरोध करने पर वह अपने मरीज को कहां ले कर जाएं।
ड्रग विभाग भी कर रहा अनदेखी
बगैर लाइसेंस दवा की बिक्री करना कानून अपराध है। डायलिसिस यूनिट और बाहर अवैध रूप से दवा की बिक्री हो रही है, इसके बावजूद ड्रग विभाग भी मौन है। क्योंकि बगैर लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति दवा की बिक्री नहीं कर सकता। इसके लिए विक्रेता के पास लाइसेंस और डिग्री दोनों का होना अनिवार्य है।
बोले अधिकारी
मामला संज्ञान में है। इस पर जांच गठित की जाएगी। डायलिसिस सेंटर में तैनात डॉक्टर और स्टाफ से इस मामले पर जवाब तलब किया जाएगा। बगैर अनुमति के कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता।
- डॉ. एच.के. अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस