सरकार की अनदेखी पर फूटा रिटायर्ड कर्मचारियों का गुस्सा
चरखी दादरी।
प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मियों की एक बैठक शनिवार को रोज गार्डन परिसर में जिला दादरी रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के प्रधान रामकुमार सोलंकी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें मंच संचालन रामचंद्र जांगड़ा ने किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राज्य सचिव सुरेश चंद्र शर्मा भी बैठक में शामिल रहे। बैठक में रिटायर्ड कर्मियों ने सरकार की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। प्रदेशाध्यक्ष प्रेम सैनी ने रिटायर्ड कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार पेशनर्स की मांगों की अनदेखी कर रही है। रिटायर्ड कर्मियों को पंजाब के समान वेतनमान देना तो एक तरफ वर्ष 2014 के अगस्त माह की आठ तारीख के आदेशों की समीक्षा को भी ठंडे बस्ते में डालते हुए आर्थिक बजट न होने का बहाना कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायकों का वेतनमान पंजाब से बहुत अधिक है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पांच, दस, पंद्रह व बीस प्रतिशत पेंशन में बढ़ोत्तरी करना, कैशलेस मेडिकल सुविधा देना, एक जनवरी 2006 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को केंद्र के अनुसार पेंशन देना, बस किराए में पचास प्रतिशत की छूट देना, पेंशनर्स की विधवाओं को एलटीसी की सुविधा देना, नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली डीए किश्त तथा आय सुविधाएं पेंशनर्स को भी एक साथ दिए जाने, सरकार द्वारा सन 1979 के अप्रैल माह की एक तारीख को वेतन निर्धारण में की गई कटौती को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयानुसार लागू किए जाने के बारे में पिछले लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मियों ने नारेबाजी के साथ अपना विरोध प्रकट किया व खेद जताया कि रिटायर्ड होने के बाद जिस तरह से अपनी मांगों को लेकर उन्हें समस्याओं को लेकर विभागों में धक्के खाने पड़ रहे है वह काफी शर्मनाक है। रिटायर्ड कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं जागी तो वो निकट भविष्य में बड़ा आंदोलन करेंगे। बैठक में नित्यानंद शर्मा, आरएस फौगाट, श्याम लाल वर्मा, जगदीश राय, भरत सिंह, निहाल सिंह, धन सिंह, रामेश्वर दयाल, सत्यदेव, अमरचंद लांबा, सूरजभान, उमेश भारद्वाज, दयानंद, महाबीर कौशिक, उमेद सिंह, ओमप्रकाश फौगाट, सूबे सिंह लांबा, आंनद सिंह लांबा, आनंद स्वरूप वर्मा, जय सिंह बलाली, अत्तर सिंह, रामचंद्र, दयानंद, राजवीर सिंह आदि सेवानिवृत्त कर्मी उपस्थित थे।