60 फीसदी शहर में एक दिन छोड़कर होगी पेयजल सप्लाई
चरखी दादरी।
अब शहर के 60 प्रतिशत एरिया में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई होगी। चंपापुरी मेन जलघर से शहर के 60 एरिया में पानी की सप्लाई होती है। बार- बार लाइन लीकेज की वजह से इस समय पानी मिक्सिंग रूप में सप्लाई हो रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी भी परेशानी में हैं। इस समय वाटर टैंक पानी से लबालब हैं लेकिन मेन जलघर से पानी का दबाव पूरे शहर में न होने की वजह से पानी का समान वितरण नहीं हो पा रहा है।
शहर के दोनो जलघरों की पेयजल क्षमता 15 दिन की है। शहर का मेन चंपापुरी जलघर में इस समय पानी की कमी नहीं है। यहां चार बड़े वाटर टैंक हैं। इस जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के करीब 65 प्रतिशत एरिया में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार रामनगर जलघर भी पानी से लबालब है। यहां बने दो बड़े वाटर टैंक पानी से फुल हैं। इस जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के 40 प्रतिशत एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है। इस जलघर से कालेज रोड, गामड़ी एरिया, हीरा चौक, गोशाला रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी एरिया, जनता कालेज ,कबाड़ी बस्ती सहित कई एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है जबकि मेन चंपापुरी जलघर से शहर का मेन एरिया, मेन बाजार, गांधी नगर, प्रेमनगर, अनाज मंडी, दिल्ली रोड, घिकाड़ा रोड व लोहारू रोड स्थित आधा दर्जन वार्डों में सप्लाई की जाती है। बस स्टैंड रोड, पुराना बस स्टैंड एरिया, रेलवे रोड, रेस्ट हाउस, एसपी,एसडीएम, डीसी आवास के अलावा पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों व अधिकारियों की कालोनियों में भी चंपापुरी जलघर से पानी की सप्लाई की जाती है। शहर में रोजाना 17 से 18 घंटे तक पानी की सप्लाई होती है। रात के समय बूस्टिंग स्टेशनों में पानी डाला जाता है तथा दिन के समय बूस्टिंग स्टेशनों से कालोनियों व बाजार में पानी की आपूर्ति की जाती है।
अब भी ट्यूबवेल का पानी मिलाकर हो रही आपूर्ति
इस समय भी शहर में ट्यूबवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति करनी पड़ रही है क्योंकि जलघरों की पेयजल स्टोरेज क्षमता कम है। अगर नहरों में 15 दिन में पानी नहीं आता है तो टैंक खाली हो जाते हैं। हालाकि ट्यूबवेलों का पानी लवणीय जरूर है लेकिन इसे उपचारित कर सप्लाई किया जा रहा है ताकि पानी की गुणवत्ता में कमी न होने पाए। फिल्टर मीडिया सिस्टम के जरिए इस पानी को शुद्ध व गुणवत्तापरक बनाकर सप्लाई किया जा रहा है। विभाग ने जलघरों के समीप ही करीब एक दर्जन ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं।
चंपापुरी मुख्य जलघर में बनी है लीकेज की समस्या
इस समय शहर में बार-बार मेन पेयजल लाइनों की लीकेज की समस्या ज्यादा बढ़ रही है। इस समय शहर की प्रोफेसर कालोनी के अलावा तीन-चार भागों में पेयजल की मेन लाइनें लीकेज बनी हुई हैं। यह लाइनें वर्षों पुरानी हो चुकी हैं। थोड़ा-सा प्रेशर बनते ही लाइनें जवाब दे जाती हैं जिससे पानी मिक्सिंग की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। कई भागों में पानी मिक्स होकर सप्लाई हो रहा है। इससे पानी की गुणवत्ता कम हो रही है। अब शहर के 60 प्रतिशत एरिया में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई होगी। शहर के मेन चंपापुरी जलघर के अधीन यह 60 प्रतिशत एरिया है। रामनगर जलघर से 40 प्रतिशत एरिया में पानी की सप्लाई होती है। चंपापुरी जलघर से 60 प्रतिशत से ज्यादा भाग में पानी की सप्लाई नहीं हो पाती और इसी जलघर के अधीन शहर का ज्यादा एरिया शामिल हैं।
==वर्सन-
शहर के 60 प्रतिशत से ज्यादा एरिया में पानी की एक दिन छोड़कर सप्लाई करनी पड़ रही है। लाइनें बार-बार टूटने से पानी का प्रेशर नहीं बन पा रहा है। जलघरों में पानी की स्टोरेज क्षमता भी कम है।
जेई समुद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग