गांव नीरपुर को नप में शामिल नहीं करने की मांग
नारनौल। ग्राम पंचायत नीरपुर (मीरपुर) ने बुधवार को उपायुक्त के माध्यम से पंचायती राज विभाग के मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंप कर गांव को नगर परिषद में शामिल न करने की मांग की। पंचायत ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि गांव नीरपुर कृषि एवं पशुपालन प्रधान गांव है। गांव के अधिकांश परिवारों की आय का मुख्य साधन भी कृषि एवं पशुपालन है। ऐसे में यदि गांव को नगर परिषद में शामिल किया जाता है तो पशुपालन का कार्य प्रभावित होगा तथा एनओसी समेत कई टैक्स लग जाएंगे। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा जाएगी इसलिए नीरपुर को नगर परिषद में शामिल न किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि शुरू से ही गांव का मुख्य व्यवसाय पशुपालन रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चकबंदी के समय गांव में बड़े पैमाने पर गोचर भूमि रिजर्व की गई है। पशुपालन के हिसाब से ही ग्रामीणों ने गांव के निकट पशुओं के लिए नोहरे व गुवाड़े छोड़े गए हैं। वर्तमान में सरकार नगर परिषद नारनौल का दायरा बढ़ाने के लिए निकटवर्ती 10 गांवों को नप में शामिल करने पर विचार कर रही है। इन 10 गांवों में गांव नीरपुर का नाम भी शामिल है। यदि ऐसा किया गया तो ग्रामीणों के लिए पशुओं को रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ग्रामीण हाउस टैक्स समेत कई टैक्सों के दायरे में आ जाएंगे। इससे हमारी परेशानियां बढ़ जाएंगी। ज्ञापन देने वालो में सरपंच ज्ञानचंद, पंच उम्मेदपाल, पंच सुरेश शर्मा, पंच पवित्रा देवी, पंच स्नेहलता, पंच राजेश कुमार, पंच नीलम देवी, पंच कृष्णा देवी, बाला देवी, सुशीला व आशा देवी के अलावा ग्रामीण बेधड़क, उज्ज्नपाल, बलबीर सिंह, ओमप्रकाश, जसवंत सिंह, शमशेर सिंह, शिवदयाल, प्रदीप कुमार, रामअवतार, रणबीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, संदीप, सज्जन व शर्मीला आदि शामिल थे।