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जीएसटी : एक महीने बाद भी ट्रैक पर नहीं आया बाजार

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जीएसटी : एक महीने बाद भी ट्रैक पर नहीं आया बाजार
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महेंद्रगढ़। गुड्स सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के एक महीन बाद भी बाजार अपने पुराने ट्रैक पर नहीं लौट पाया है। अब बाजारों में 50 प्रतिशत कारोबार रह गया है। जीएसटी लागू होने के बाद उपभोक्ता खरीददारी कम कर रहे हैं जबकि दुकानदारों के पास अभी पुराना स्टॉक बचा हुआ है। व्यापारियों के पास जुलाई माह में नया माल नहीं पहुंचा है जबकि बड़ी-बड़ी दुकानों के साफ्टवेयर भी अपडेट हो चुके हैं। कास्मेटिक आयटम की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जबकि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है।
बाजार में नहीं आया नया माल
जीएसटी लागू होने के एक महीने बाद भी बाजार में नया माल नहीं आया है। व्यापारी अभी पुराने मालों को ही बेच रहे हैं। बाजार में जुलाई माह में निर्मित बिस्कुट, नमकीन, चॉकलेट आदि वस्तुएं ही आई हैं। इनके अलावा घी, तेल आदि भी नयी कीमतों में आ गए हैं। दुकानदारों का मानना है कि नया स्टॉक 15 अगस्त के बाद ही आने की संभावना है।
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रोजमर्रा की वस्तुएं नहीं हुई अधिक प्रभावित
जीएसटी लागू होने के बाद रोजमर्रा वस्तुओं की कीमतों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। किंतु कॉस्मेटिक वस्तुओं की कीमतें में बढ़ोत्तरी हुई है। रोजमर्रा की वस्तुओं में घी और तेल महंगे हुए जबकि दालें सस्ती हुई हैं। इसके अलावा चीनी, चाय, खांड, गुड़ की कीमतों में हलकी बढ़ोतरी हुई है।
ट्रांसपोर्ट का कारोबार अभी भी 50 प्रतिशत प्रभावित
ट्रांसपोर्टर चेतन प्रकाश ने बताया कि जीएसटी लागू होने के एक महीना बीत जाने के बाद भी ट्रांसपोर्ट वापस ट्रैक पर पूर्णरूप से नहीं लौट पाया है। हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद सूरत में हड़ताल होने के कारण माल नहीं आ रहा था। हड़ताल खुल जाने के बाद 50 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट ट्रैक पर आया है। इसके अलावा अभी शहर के बड़े व्यापारियों के पास पुराना स्टॉक बचा है जिस कारण बाहर से माल नहीं मंगवाया जा रहा। अभी 15 दिन का समय और भी लग सकता है।
जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार मंदा हुआ है। अभी नया माल नहीं आया है पुराना ही बेचा जा रहा है। कुछ माल जो बाहर से आता था वह बंद हो गया है। ट्रांसपोर्ट वालों ने माल भाड़ा बढ़ा दिया है। -नरेश चेयरमैन

जीएसटी लागू होने के बाद बाजार में 50 प्रतिशत काम रह गया है। वस्तुओं की कीमतों में ज्याद फर्क नहीं आया है इसके बाद भी ग्राहक कम खरीददारी कर रहे हैं। -विनोद कपूर -व्यापारी जनरल स्टोर

सूरत से माल आने लगा है। सिलाई युक्त लहंगा चुन्नी पर 10 प्रतिशत, चद्दर, पर्दे, पेंट, शर्ट आदि कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा है। जीएसटी लागू होने के बाद लोग जो अतिरिक्त सामान ले जाते थे उन्होंने बंद कर दिया है। अब जरूरत के अनुसार ही सामान लेकर जा रहे हैं। -प्रदीप मेहता, कपड़ा व्यापारी

जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार मंदा हुआ है। दालें सस्ती, चीनी, तेल, गुड़, आदि महंगे हो गए हैं। अन्य सामान की कीमतें भी प्रभावित हुई हैं। जो उपभोक्ता पहले 1000 रुपये का सामान लेते थे अब 800 का ही लेते हैं। -राधाकृष्ण, किराणा व्यापारी

जीएसटी आम आदमी के लिए फायदेमंद हैं। इसके लागू होने से रोजमर्रा की वस्तुएं ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। शुरुआत में साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने पर अवश्य दिक्कत हुई थी लेकिन अब सही हो गया है। अब बाजार भी 70 प्रतिशत रुटीन में आ गया है।
- विक्रम यादव, सिटी बाजार मालिक

नया सिस्टम लागू होने से शुरूआत में दिक्कत आती है। लेकिन अब 70 प्रतिशत बाजार रुटीन में आ गया है। वैसे अभी पुराना माल ही बेचा जा रहा है। बिस्कुट, नमकीन ही जुलाई माह के नये उत्पाद आए हैं। -विजय

जीएसटी लागू होने के बाद रसोई के बजट में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। तीन सदस्यों का खाने-पीने का सामान एक महीने के लिए लगभग दो हजार रुपये में आता था। अब अगस्त माह में 2200 रुपये का सामान आया है। -मीना
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जीएसटी लागू होने के बाद क्रीम, पाउडर, साबुन, तेल, शैंपू आदि महंगे हो गए हैं। हिंदू रीति रिवाज में महिलाओं का 16 श्रृंगार का बहुत महत्व हैं। इसलिए सरकार को इन वस्तुओं का टैक्स मुक्त करना चाहिए था। -अनिता
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