‘मांगें नहीं मानी गईं तो करनाल में करेंगे महापड़ाव’
हुडा जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन की जिला कमेटी ने बैठक कर बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हुडा जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन की जिला कमेटी ने मंगलवार को बैठक कर कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारियों से मिलने वाले आश्वासनों पर मंथन किया। इस दौरान आगामी संघर्ष की रणनीति बनाई गई।
अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान प्रेम घिलौड़िया ने बताया कि स्टाफ क्वार्टरों की मरम्मत को लेकर कार्यकारी अभियंता डीके आहुजा ने बीती 12 तारीख को पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया, लेकिन आज तक कमेटी ने कोई भी कार्य शुरू नहीं किया। इसका जवाब कार्यकारी अभियंता को कमेटी से लेना चाहिए। कर्मचारियों की मांग है कि स्टाफ क्वार्टरों का तेजी से काम करवाएं और उसे बिना टेंडर न करवाया जाए। विभागीय काम प्राइवेट कर्मचारी से न करवाकर हुडा कर्मचारियों से ही करवाया जाए। यूनियन कार्यालय बनाया जाए। वाटर वर्कर्स पर उच्च पद सृजित किए जाएं। कर्मचारियों की लोन रिकवरी का ब्योरा जल्द दिया जाए। ठेकेदारी प्रथा पर लगे कर्मचारियों का ईएसआई कार्ड बनाया जाए और समय पर पीएफ काटा जाए। बैठक का संचालन कर रहे जिला सचिव वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि यूनियन के सभी सदस्यों ने कहा कि शीघ्र उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर 21 जुलाई को गेट मीटिंग करेंगे। 22 और 23 जुलाई को सीएम सिटी करनाल में होने वाले महापड़ाव में हुडा यूनियन बढ़-चढ़कर भाग लेगी। इस दौरान राज्य उपप्रधान कृष्ण कादयान, महाबीर धनखड़, राजेंद्र कुमार, आजाद कुंडू, विकास बाजवान, सुभाष जांगड़ा, रणबीर शर्मा, रामकुमार शर्मा, रामू शर्मा, ईश्वर दहिया, जगन, फूलवंती, सुरेश टिटौली, कृष्ण धोचक, सुरेंद्र शर्मा और प्रदीप ने भी विचार रखे।