चपरासी बनने की चाह में लाइन में धक्के खाते रहे पीएचडी धारक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। युवा किस कदर बेरोजगारी झेल रहे हैं, इसका नमूना सोमवार को एमडीयू कैंपस में देखने को मिला। यहां आठवीं पास चपरासी की भर्ती के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और एमफिल-पीएचडी धारक लाइन में लगे रहे। फार्म खरीदने के लिए दिनभर धक्का-मुक्की होती रही। हालात यह थे कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को भी बुलाना पड़ा।
दरअसल, एमडीयू में कुछ दिन पहले चपरासी की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। 92 पदों के लिए होने वाली इस भर्ती में आठवीं पास योग्यता रखी गई है। भर्ती के लिए आवेदन करने की मंगलवार को अंतिम तिथि है। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को यूनिवर्सिटी के काउंटर पर सुबह से ही फार्म खरीदने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। यहां तक कि काउंटर से लेकर यूनिवर्सिटी के गेट तक लंबी कतार लग गई है। फार्म लेने वालों में बाहरी व्यक्ति से ज्यादा यूनिवर्सिटी के ही छात्र थे। अधिकतर ऐसे थे जो एमफिल और पीएचडी धारक थे। दोपहर के समय भीड़ हद से अधिक बढ़ गई और लाइन में लगे लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। माहौल बिगड़ता देख तुरंत यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया। हालांकि फिर भी एक-दूसरे से पहले फार्म लेने के लिए मारमारी मची रही। फिलहाल यह भर्ती कांट्रेक्ट बेस पर की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इसमें भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को पक्का किया जाएगा। इसीलिए फार्म खरीदने को लेकर हद से अधिक भीड़ पहुंच गई। काउंटर से फार्म खरीदने के बाद इसे स्थापना शाखा में जमा कराया जा रहा था। वहां पर भी यही आलम था। मंगलवार को अंतिम तिथि होने के कारण भीड़ और भी अधिक होने की संभावना है।
अभ्यर्थी बोले, जैसी भी नौकरी मिल जाए वही अच्छी
फार्म खरीदने आए देव कॉलोनी निवासी सचिन कुमार का कहना है कि दो साल पहले एमए की थी, लेकिन नौकरी नहीं मिल रही। इसी वजह से जैसी भी नौकरी मिल जाए वही अच्छी है। गुड़गांव से आयी ज्योति सहरावत का कहना है कि पिछले वर्ष एमफिल पूरा किया है। नौकरी की तलाश कर रही हूं। नौकरी कोई भी अच्छी बुरी नहीं होती, जो भी समय से मिल जाए ठीक है।
आठवीं पास की भर्ती के लिए देनी होगी लिखित परीक्षा
यूनिवर्सिटी ने इस भर्ती के लिए आठवीं पास योग्यता रखी है। इसमें 100 नंबर की लिखित परीक्षा देनी होगी। हिंदी के लिए 70 अंक, अंग्रेजी और मैथ के लिए 15-15 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा अगर कोई दसवीं या 12वीं पास इस भर्ती के लिए आवेदन करता है तो उसे अलग से अंक दिए जाएंगे। जिस तरीके से भर्ती के लिए एमफिल और पीएचडी धारक आवेदक पहुंच रहे हैं उससे साफ है कि आठवीं और हाईस्कूल पास अभ्यर्थी दौड़ में काफी पीछे छूट जाएगा।
एक काउंटर होना बना परेशानी का सबब
यूनिवर्सिटी के एक काउंटर पर चपरासी की भर्ती के लिए फार्म मिल रहे हैं। इसी काउंटर पर प्रोस्पेक्टस और माइग्रेशन आदि के फार्म भी मिल रहे हैं। भर्ती के फार्म खरीदने वालों की भीड़ अधिक होने के कारण कोई भी छात्र न प्रोस्पेक्टस खरीद सका और न ही अन्य कोई फार्म। ऐसे में छात्रों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।