रोहतक। कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां तक सरकारी कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। इससे परेशान नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल व आयुक्त प्रदीप गोदारा ने मंगलवार को कर्मचारियों की बैठक ली और साफ कहा कि, बुधवार से 80 प्रतिशत स्टाफ फील्ड में रहकर काम करे। आफिस में विभागाध्यक्ष व तकनीकी स्टाफ ही आए। वहीं, डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कोरोना संक्रमण को लेकर हालात की समीक्षा की और लोगों से बीमारी को गंभीरता से लेने का आह्वान किया।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सभी डीसी व दूसरे अधिकारियों को पत्र जारी किया है कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारियों के संक्रमित होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। ए व बी ग्रुप के शत-प्रतिशत अधिकारी कार्यालय में आएंगे, लेकिन सी व डी ग्रुप के 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय में आएं। 50 साल से ऊपर के कर्मचारियों व गर्भवती महिला कर्मियों से घर से ही काम करवाया जाए। बता दें कि पिछले 10 दिन में नगर निगम के आठ से ज्यादा कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें बिल्डिंग ब्रांच, इंजीनियरिंग ब्रांच, टैक्स ब्रांच व जन्म व मृत्यु पंजीकरण ब्रांच के कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। ऐसे में कर्मचारियों व अधिकारियों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए निगम प्रशासन ने ज्यादा से ज्यादा कर्मियों को फील्ड में रहकर काम करने की हिदायत दी है।
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डीसी बोले, बीमारी को गंभीरता से लें आम आदमी, मृत्यु दर बढ़ रही
उधर, डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने मंगलवार को लघुसचिवालय में कोरोना संक्रमण को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। साफ कहा कि पिछले सप्ताह से कोरोना के स्टेट एक हजार से 2 हजार के करीब पहुंच गए हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 100 से ऊपर चली गई है, लेकिन जितने ज्यादा टेस्ट होंगे, उससे बीमारी कम करने में मदद मिलेगी। आम लोगों का आह्वान है कि वे बीमारी को गंभीरता से लें और कोरोना से बचाव के तरीके अपनाएं। लघु सचिवालय के सभागार में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट एवं इंसीडेंट कमांडर को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब व्यक्ति कोरोना से तो ठीक हो गया है लेकिन इसके उपरांत स्वास्थ्य पर उसके साइड इफेक्ट नजर आने लगे हैं। यह ऐसा प्रभाव है जो लंबे समय तक मनुष्य के शरीर पर प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि यह तो आम आदमी के सामने है कि इस बीमारी की वजह से अनेक लोगों की मौत भी हो रही है। इसलिए कोरोना को लेकर बेहद सावधानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को इस बात का भ्रम है कि कोरोना बीमारी का रिकवरी रेट ज्यादा है, लेकिन उन्हें इसके नकरात्मक पक्ष की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना के मामले लगातार बढने के साथ मृत्यु के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो कि एक चिंता का विषय है।उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट का आह्वान किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें और अधिक सक्रियता के साथ अपनी ड्यूटी को निभाना होगा। मीटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल, सांपला की एसडीएम मेजर गायत्री अहलावत, जिला परिषद के सीईओ सतीश यादव, डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, तहसीलदार राजेश कुमार, तहसीलदार गुलाब सिंह, भूजल वैज्ञानिक दलवीर राणा तथा नगर निगम के एलएओ सुरेंद्र गोयल भी मौजूद रहे।
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कोरोना संक्रमण से निगम काफी प्रभावित है। 80 प्रतिशत कर्मचारियों को फील्ड में काम करने के लिए कहा गया है। इसमें डोर टू डोर कचरा डालने के दौरान गीला व सूखा कचरा अलग करने से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स, बीपीएल सर्वे से लेकर दूसरे कार्य तक शामिल हैं। आफिस में विभागाध्क्ष व तकनीकी कार्य से जुड़े कर्मचारी ही आएंगे। आम लोगों से आह्वान है कि वे ऑनलाइन काम करवाने पर फोकस करें।
-प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
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कोरोना के टेस्ट बढ़ने से संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा आने लगी है, लेकिन बीमारी को रोकने के लिए टेस्टों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। आम आदमी को चाहिए कि वे बीमारी को गंभीरता से लें, क्योंकि मृत्यु दर भी बढ़ती जा रही है। सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों की संक्रमण से दूर करने के लिए भी पुख्ता कदम उठाए गए हैं। अनलॉक 4 व प्रदेश की गाइड लाइन के तहत की ड्यूटी ली जा रही हैं।
-कैप्टन मनोज कुमार, डीसी