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788 किशोर-किशोरियों को लगा कोरोना से बचाव का टीका

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जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाती किशोरी साथ में खड़े एसएमओ रामेश चंद्र। संवाद
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रोहतक। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को महामारी से सुरक्षा के लिए किशोर-किशोरियों का टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। सिविल अस्पताल में एसएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने किशोरी प्रार्थना को टीका लगवा कर इस अभियान की शुरुआत की। टीकाकारण के प्रति किशोरों में उत्साह बना रहा। इसके चलते सुबह टीकाकरण शुरू होने से पहले ही 40 किशोर अपना पंजीकरण करा चुके थे। पहले दिन तकनीकी कारणों के चलते टीकाकरण सुबह नौ की बजाय 11 बजे शुरू हुआ। अभियान की सफलता के लिए गठित 29 टीमें शाम छह बजे के बाद भी वैक्सीन लगाने में व्यस्त रही। सोमवार को 788 किशोर-किशोरियों को टीका लगाया गया।
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सोमवार को सिविल अस्पताल भवन के द्वितीय तल पर 15 से 18 वर्ष के लड़के लड़कियों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई। यहां टीका लगाने के बाद उनके कुछ देर आराम करने की व्यवस्था भी थी। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ वैक्सीन लगवाने पहुंचे। यहां पहले उनका पंजीकरण किया गया। इसके बाद वैक्सीन लगाई गई। टीका लगने के बाद बच्चों ने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की। पीजीआई में भी बड़ों के साथ बच्चों का टीकाकरण किया गया। यहां भी बड़ी संख्या में बच्चे वैक्सीन लगवाने पहुंचे।
वर्जन:
अस्पताल में टीकाकरण किया जा रहा है। इसे लेकर रुझान अच्छे आ रहे हैं। बच्चों ने भी किसी तरह की शिकायत नहीं की है। टीकाकरण को लेकर उनका उत्साह बना हुआ है।
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- डॉ. रमेशचंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल।
वर्जन:
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण का सोमवार को नया अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत 29 टीमें वैक्सीन लगाने में व्यस्त रही। शाम तक 788 बच्चों का टीकाकरण हुआ। इसके लिए प्रयास जारी है। बड़ों के साथ किशोरों का टीकाकरण अभियान लगातार जारी रहेगा।
डॉ. परितेव सिंह, शहरी नोडल अधिकारी, टीकाकरण।
टीकाकरण पर संशय दूर करने को रहे मनोचिकित्सक
किशोरों के टीकाकरण को लेकर सिविल अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार जांगड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। यहां कोविड वैक्सीनेशन सेंटर मैनेजर के साथ मनोचिकित्सक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। टीकाकरण के दौरान किशोरों के संशय या किसी तरह का सवाल होने पर उसका जवाब देने व उन्हें संतुष्ट करने के लिए वे उनके साथ रहे। चिकित्सक ने कहा कि कुछ बच्चों को सुई से डर था। उन्हें समझाने व टीका लगने के साथ ही डर दूर हो गया।
बच्चे बोले-
टीका लगवाना नहीं चाहती थी। मम्मी ने समझाया तो पापा के साथ अस्पताल आई। शुरू में घबराहट हो रही थी। टीका लगने के बाद किसी तरह का डर या घबराहट नहीं रही। सुई चुभने का हलका सा दर्द हुआ। इसके बाद सब सामान्य हो गया।
- दिशा, राजीव कॉलोनी।
महामारी से सुरक्षा के लिए टीकाकरण कराना जरूरी है। वैक्सीन से डर नहीं था, डर सुई का था। जब टीका लग गया तो यह डर भी जाता रहा। यह सब एक पल के लिए थे। स्वास्थ्य कर्मी के टीका लगाने के बाद पता ही नहीं लगा, क्या हुआ।
- निशा, राजीव कॉलोनी।
कोरोना महामारी में स्वास्थ्य की दृष्टि से वैक्सीन लगवाना बेहतर है। घर में सभी ने वैक्सीन लगवाई है। अकेला मैं ही बचा था। अब अस्पताल में टीकाकरण हुआ तो यहां मैंने भी टीका लगवा लिया है। इसका किसी तरह का कोई खतरा या डर नहीं है।
- शिव शर्मा, पाड़ा मोहल्ला।
अस्पताल में टीकाकरण शुरू हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी को महामारी से बचाव के लिए ये टीके लगाए जा रहे हैं। इसलिए मैंने भी यह टीका लगवाया है। इससे किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई। टीका लगाते समय सुई की चुभन जरूर हुई।
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- रिया, सुखपुरा चौक।
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