जिले की दोनों चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। कोरोना संक्रमण रोकने को लगाए गए लॉकडाउन ने किसानों की समस्या और बढ़ा दी। किसानों ने मांग है कि गन्ने की पेमेंट जल्द से जल्द सिक्योरिटी समेत की जाए। नियमानुसार उन्हें ब्याज भी दिया जाए। जिले में दो चीनी मिल रोहतक और महम में हैं। जानकारी के मुताबिक रोहतक चीनी मिल ने तीन दिसंबर 2019 को गन्ने की पेराई शुरू की थी। जबकि, महम मिल में सीजन 28 नवंबर 2019 शुरू हो गया था। रोहतक मिल ने इस साल करीब 46 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। वहीं, महम मिल में लगभग 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। महम मिल को बाद में दूसरे जिलों का गन्ना भी पेराई के लिए दे दिया गया था। किसानों का आरोप है कि दोनों ही मिलों ने 12 मार्च 2020 के बाद से गन्ने की कोई अदायगी नहीं की है। रोहतक चीनी मिल पर किसानों का करीब 46 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, महम मिल पर भी गन्ना किसानों की लगभग 36 करोड़ की पेमेंट बकाया है। मिल पेराई से पहले किसानों से सिक्योरिटी भी जमा करवाती हैं, वह भी नहीं दी गई है। नियमानुसार अगर 15 दिन के अंदर मिल किसानों को पेमेंट नहीं करती है तो उसे ब्याज भी देना पड़ता है। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द उन्हें गन्ना का बकाया भुगतान किया जाए। सिक्योरिटी दी जाए और नियमानुसार ब्याज भी दिया जाए। क्योंकि कोरोना को लेकर चल रहे लॉकडाउन के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो चुकी है। उधर, लॉकडाउन के चलते मिलों को भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। वे भी किसानों की अदायगी के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
12 मार्च के बाद से दोनों मिल ने किसानों को गन्ने की पेमेंट नहीं की है। रोहतक मिल पर 46 करोड़ और महम मिल पर 36 करोड़ बकाया है। जल्द से जल्द किसानों को ब्याज समेत बकाया और सिक्योरिटी दी जाए।
प्रीत सिंह, प्रधान, किसान सभा।
महम मिल ने 15 मार्च तक किसानों को पेमेंट जारी कर दी है। बाकी अदायगी भी मिल की प्राथमिकता है, जिसके लिए लोन का प्रबंध किया जा रहा है। किसानों को जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।
मेजर गायत्री अहलावत, एमडी, शुगर मिल, महम।
इस बार मिल में 46 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है, जिसकी पेमेंट 157 करोड़ बनती है। बकाया अदायगी के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। अगले सप्ताह तक 70 फीसदी पेमेंट जारी कर दी जाएगी।
मानव मलिक, एमडी, रोहतक चीनी मिल