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तीन माह से शहर में दो मेयर, 42 पार्षद

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सबहेड : शहर का प्रथम नागरिक कौन, मनमोहन गोयल या रेनू डाबला, नगर निगम बेपरवाह
हेडिंग : पैसे की बर्बादी : पुराने हटाने की बजाए वहीं पर लगा दिए नए पार्षदों के बोर्ड
विजेंद्र कौशिक
रोहतक। नगर निगम पैसे की बर्बादी कर रहा है। निगम प्रशासन ने मेयर और नवनिर्वाचित पार्षदों के नए साइन बोर्ड पर लाखों रुपये खर्च कर दिए। अधिकारी चाहते तो पुराने साइन बोर्ड के ऊपर ही नई साइन प्लेट लग सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। साथ ही पुराने बोर्ड को हटाया भी नहीं गया। डीएलएफ कॉलोनी में जहां नए मेयर का साइन बोर्ड शोभा बढ़ा रहा है, जबकि गोहाना रोड पर पूर्व मेयर रेनू डाबला के आवास का पता भी निगम का ही साइन बोर्ड बता रहा है। जब निगम आयुक्त आरएस वर्मा से बात की गई तो उन्होंने जल्द पुराने साइन बोर्ड हटाने की बात कही।
आठ साल पहले तत्कालीन हुड्डा सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का गठन किया था। तीन साल बाद हुए चुनाव में 20 में से 13 कांग्रेस समर्थक पार्षद बने। एससी समुदाय से रेनू डाबला को मेयर चुना गया। जून 2018 को कांग्रेस समर्थक मेयर डाबला व पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो गया। भाजपा ने छह माह बाद निगम चुनाव करवाए। व्यवस्था की कि मेयर का चयन पब्लिक वोट डालकर करेगी। 16 दिसंबर को वोट डाली गई, जबकि 19 दिसंबर को चुनाव परिणाम आया। हुड्डा के गढ़ में भाजपा के मनमोहन गोयल ने जीत हासिल की। जबकि हुड्डा समर्थक सीताराम सचदेवा दूसरे व इनेलो जिला अध्यक्ष सतीश नांदल के बेटे संचित नांदल तीसरे स्थान पर रहे।
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पुराने बोर्ड हटाने की जगह नए लगा दिए साथ-साथ
निगम प्रशासन ने मेयर व नवनिर्वाचित पार्षदों के उनके वार्डों में साइन बोर्ड लगवा दिए हैं, लेकिन पुराने साइन बोर्ड अब भी लगे हैं। वार्डों के अंदर वे लोग असमंजस में हैं, जो सियासत में ज्यादा रुचि नहीं रखते। एक-एक वार्ड के दो-दो पार्षदों के साइन बोर्ड लगे हैं। यहां तक बोर्डों पर पूर्व पार्षद तक नहीं लिया हुआ है। गोहाना रोड पर पूर्व मेयर रेनू डाबला के साइन बोर्ड के पास नवनिर्वाचित वार्ड 6 से पार्षद सुरेंद्र चंद्र किराड़ का साइन बोर्ड लगा दिया गया है।
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बच सकते थे निगम के पैसे
नगर निगम प्रशासन ने मेयर व नवनिर्वाचित पार्षदों के नए साइन बोर्ड पर लाखों रुपये खर्च कर दिए। अधिकारी चाहते तो पुराने साइन बोर्ड के ऊपर ही नई साइन प्लेट लग सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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नए मेयर व नवनिर्वाचित पार्षदों के साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। जल्द पूर्व मेयर व पार्षदाें के साइन बोर्ड हटाए जाएंगे।
आरएस वर्मा, कमिश्नर नगर निगम
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