नियमित भर्ती के नाम पर 30 अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने का फरमान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआइएमएस में लिपिकों व अन्य पदों पर नियमित भर्ती होने के बाद अब 30 अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने का फरमान जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 20 के करीब पर अभी तलवार अटकी है। हटाए गए कर्मचारियों का कहना है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आदेशों में कहा है कि नियमित भर्ती के नाम पर अनुबंधित कर्मचारियों को हटाया नहीं जाना चाहिए। इसकी संस्थान के अधिकारी अवमानना कर रहे हैं। हटाई गई कर्मचारी शकुंतला के पति बलराज ने रोष जताते हुए बताया कि आरटीआई से मांगी गई जानकारी में पता चला था कि संस्थान में 116 लिपिक की पोस्ट हैं। नई भर्ती होने के बाद भी 40 पोस्ट खाली हैं। इसके बावजूद संस्थान अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने पर तुला है। डिप्टी रजिस्ट्रार ने 15 मार्च से 30 अनुबंधित कर्मचारियों की हाजिरी लेने से ही मना कर दिया है।
भर्ती हो गई जगह है नहीं
संस्थान में एकाएक नई भर्ती होने से नये कर्मचारियों के बैठने के लिए जगह ही कम पड़ गई है। सूत्रों की मानें तो निदेशक कार्यालय से कुछ को एमएस कार्यालय भेजा जा रहा है। वहीं प्रशासन के लिए मुसीबत बना है कि नये कर्मचारियों को अभी काम सीखने में समय लगेगा, इसलिए वह सारी जिम्मेदारी नये पर नहीं छोड़ सकते। इसके साथ ही अब अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने का फरमान नये कर्मचारियों के अलावा संस्थान के लिए भी मुसीबत खड़ी कर सकता है।