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अब जन सूचना अधिकारी मुहैया कराएंगे रसीद बुक

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आरटीआई एक्ट के तहत सूचना के लिए आवेदक नकद शुल्क करा सकते हैं जमा
-जन सूचना अधिकारियों को मुहैया करा दी गई है रसीद बुक
-कानून में प्रावधान के बावजूद अब तक नहीं थी नकद शुल्क जमा कराने की व्यवस्था
-सूचना लेने के लिए आवेदन करने वालों को डाकघर से लाना पड़ता था पोस्टल आर्डर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। आरटीआई एक्ट के तहत सूचना लेने वाला व्यक्ति संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी को निर्धारित शुल्क नकद जमा करा सकता है। इसके लिए जन सूचना अधिकारियों को रसीद बुक मुहैया करा दी गई है। कानून में प्रावधान के बावजूद अब तक नकद शुल्क जमा कराने की व्यवस्था नहीं थी। सूचना लेने वालों को डाक घर से पोस्टल आर्डर लाना पड़ता था।
बाबरा मोहल्ला निवासी नरेश कुमार ने जन सूचना अधिकारी कम नगराधीश से सूचना मांगी थी। इसके तहत नियमानुसार आरटीआई शुल्क नकद जमा कराने की व्यवस्था के बारे में पूछा गया। यह व्यवस्था न होने के चलते नगराधीश ने अपने साथ अन्य कार्यालयों को भी नकद शुल्क जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए। यही नहीं इसके लिए सभी जनसूचना अधिकारियों को रसीद बुक उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया। इसके तहत नगराधीश कार्यालय में नरेश कुमार के नाम से पहली नकद शुल्क जमा कराने की पर्ची भी काटी गई।
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क्या है आरटीआई
राइट टू इनफोर्मेशन यानी सूचना का अधिकारी यह अधिनियम वर्ष 2005 में लागू हुआ। इसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए अधिनियम में निर्धारित शुल्क जमा कराने का प्रावधान है। यह शुल्क डाक घर से पोस्टल आर्डर के अलावा नकद विभाग में भी जमा कराया जा सकता है। इसके 30 दिन में संबंधित जन सूचना देनी होती है।
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