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घंटों चली मान-मनौव्वल, फिर भी नहीं माने संत, मंत्री को सुनाई खरीखोटी

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। मानसरोवर पार्क में गोभक्त सम्मेलन में भाजपा के मंत्री और गोसेवा आयोग के चेयरमैन संत गोपालदास को मनाने पहुंचे। घंटों तक चले मान-मनौव्वल के बाद संत ने मौखिक रूप से दिए आश्वासन पर मानने से इनकार कर दिया।

संत ने कहा कि जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा और इस दिशा में कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक अनशन जारी रहेगा। सम्मेलन में वक्ताओं ने भाजपा के कार्यकाल में हो रही गाय की दुर्दशा पर राज्यमंत्री और चेयरमैन को खरीखोटी भी सुना डाली।
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दरअसल, मानसरोवर पार्क में रविवार सुबह ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। दोपहर को राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला संत को मनाने पहुंचे। चेयरमैन मंगला ने संत गोपालदास को आश्वासन दिया कि सरकार गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन के लिए गंभीर है।

जल्दी ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। फिलहाल जिन गांवों में गोचरान भूमि है उन्हें चिह्नित कर उसे खाली कराया जाएगा। जिस गोशाला में एक हजार गोवंश हैं, उसके लिए 15 एकड़, एक हजार से 1500 गाय वाली गोशाला को 20 एकड़ और इससे ऊपर की गोशाला को अधिक जमीन दी जाएगी।
राज्यमंत्री ग्रोवर ने कहा कि सरकार को एक माह का समय दिया जाए। इस अवधि में वह सरकार से गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग करेंगे। इस पर संत गोपालदास ने कहा कि इस बार मौखिक आश्वासन नहीं, लिखित में आश्वासन चाहिए।

यदि आप लिखित में आश्वासन दे सकते हैं तो बताइए। राज्यमंत्री और चेयरमैन ने घंटेभर सम्मेलन में रहकर संत को मनाने की कोशिश की, लेकिन संत ने इनकार कर दिया। सरकार के खिलाफ उल्टे-सीधे नारे भी लगाए गए। संत की हठ को देखते हुए दोनों को वहां से जाना पड़ा।

इसके बाद संत ने सभी लोगों के साथ बैठकर विचार-विमर्श किया। निर्णय लिया गया कि आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक और पदाधिकारियों को धार्मिक कार्यक्रमों का निमंत्रण नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें धार्मिक स्थलों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। संत की तरफ मंत्री को नौ सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा गया।

मिड-डे मील में होगी गाय के दूध की सप्लाई : राज्यमंत्री
रोहतक। सम्मेलन में पहुंचे राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने मीडिया से कहा कि भाजपा पहली ऐसी सरकार है जिसने गोवंश की रक्षा करने के लिए गो संरक्षण-गो संवर्धन कानून पास करके उसे लागू किया। संत गोपालदास ने जिन गांव से गोचरान भूमि के कब्जे हटवाने की मांग की है उसमें प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।

इनमें खेवड़ा, दिपालपुर, वजीरपुर, मातनहेल और ढींगसरा शामिल हैैं। संत ने मांग रखी है कि मिड-डे मील में गाय की दूध की सप्लाई की जाए। सरकार इस पर अध्ययन कर रही है। जल्द ही इसे पूरा कर दिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम अरविंद मल्हाण, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, नगर पार्षद मदन कुरड़ा, राजेश टीनू, जोगेंद्र सैनी, स्वामी विजय पाल, राधेश्याम ढल और अनूप मौजूद रहे।

शांति व्यवस्था के लिए पुलिस भी रही तैनात
गोभक्त सम्मेलन को लेकर सुबह से ही पार्क और उसके आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। दिनभर पुलिसकर्मी अपने आला अधिकारियों को पल-पल की जानकारी देते रहे।
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यह रहे मौजूद
सम्मेलन में झज्जर गुरुकुल से विजयपाल आर्य, हरियाणा गोशाला संघ से शमशेर आर्य, रविंद्र सांगवान, अखिल भारतीय गोसेवा सदन के अध्यक्ष सत्यप्रकाश कर्मयोगी, गोरक्षा सेना बहादुरगढ़ के अध्यक्ष नवीन दलाल, डॉ. शिव दर्शन, सिख संत कृष्ण सिंह, बाबा कर्णपुर, दिव्यांग कल्याण बोर्ड के कमिश्नर राज निर्भीक, कंवर भारती और लाडवा गोशाला कुरुक्षेत्र से गिरीश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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