कोरोना संक्रमण काल में जिले के 409 सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि आई है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 7 प्रतिशत अधिक विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों का रुख किया है। शिक्षा विभाग व शिक्षकों के लिए यह राहत भरी खबर है। हालांकि यह वृद्धि चरखी दादरी व फरीदाबाद के मुकाबले आधी है, फिर भी विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से यह सराहनीय बताई जा रही है।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा विभाग की परेशानी बनी हुई थी। दाखिले बढ़ाने के लिए विभाग व शिक्षक प्रयासरत थे। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की अपील कर रहे थे। इसके बावजूद संख्या में अधिक सुधार नहीं आया था। लेकिन कोरोना काल में शुरू हुए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में परिस्थितियां बदल गई हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष 4076 विद्यार्थी अधिक आए हैं। यह संख्या पिछले साल से 7 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष कक्षा पहली से बारहवीं तक जिले में 61,323 विद्यार्थी थे। इस बार यह संख्या 65,399 पहुंच चुकी है। इस वृद्धि ने विभाग व शिक्षकों को बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है। उनका प्रयास इस बार रंग लाया है।
अध्ययन के लिए हैं योग्य शिक्षक
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करने के लिए योग्य शिक्षक हैं। सरकार के तय मापदंडाें पर खरा उतरने वाले शिक्षक अध्यापन कार्य कराते हैं। इसमें एमए, पीएचडी, बीएड, सीटेट व एचटेट पास उम्मीदवार शामिल हैं। इन्हें सरकार अच्छा वेतन व अन्य सुविधाएं भी दे रही हैं।
विद्यार्थियों के लिए हैं कई सुविधाएं
विद्यार्थियों को भी किताबें, वर्दी, छात्रवृत्ति व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। उन्हें उच्च शिक्षा व विज्ञान क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निशुल्क कोचिंग की भी व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों को स्कूल समय पर पहुंचने के लिए साइकिल योजना है तो दोपहर के समय निशुल्क भोजन दिया जाता है।
ऑनलाइन शिक्षा की बेहतर व्यवस्था
कोरोना व लॉकडाउन में भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बेहतर व सुचारु ढंग से चल रही है। समस्याओं के समाधान के लिए एजुसेट पर कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को मोबाइल पर भी अवसर एप के जरिये गृह कार्य व परीक्षा संबंधी प्रश्न दिए जा रहे हैं।
स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल व व्यवस्था दी जा रही है। शिक्षा विभाग उनके लिए कई तरह की योजनाएं चला रहा है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षक भी प्रयासरत रहे हैं। इस कारण इस बार विद्यार्थियों की संख्या में सुधार आया है।
- डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी।