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अमर उजाला एक्सक्लूसिव हेल्थ मैप के असंख्य विज्ञापनों से अटा पीजीआईएमएस

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हेडिंग : हेल्थ मैप के असंख्य विज्ञापनों से अटा पीजीआईएमएस

फ्लैग : सरकार की योजनाओं व संस्थान में मिल रही सुविधाओं से अधिक सीटी स्कैन व एमआरआई जांच के विज्ञापन लगे
एसीएस हेल्थ ने अलग गेट बनाने के दिए हैं निर्देश

फोटो सहित एसएनजे 21, 22 व 23 ::सीआरएस ओपीडी के अंदर व बाहर लगे विज्ञापन बोर्ड।

संजय कुमार
रोहतक। पीजीआईएमएस पर हरियाणा सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त हेल्थ मैप निजी कंपनी ने लगभग पूरा कब्जा कर रखा है। यहां सरकार की योजनाओं व संस्थान में मिल रही सुविधाओं से अधिक सीटी स्कैन व एमआरआई जांच के विज्ञापन की भरमार है। इस पर हाल ही में एसीएस हेल्थ अमित झा के निरीक्षण के दौरान जब नजरें पड़ी तो अब अधिकारियों की भी सांसें फूली हुई हैं, क्योंकि अधिकारी ने इसके गेट को ही अलग बनाने के निर्देश जारी किए हुए हैं।
संस्थान की सीआरएस ओपीडी में पीपीपी मोड के तहत सीटी स्कैन व एमआरआई जांच की मशीन लगी है। इसका विज्ञापन करने के लिए निजी कंपनी ने ओपीडी के अलावा संस्थान के किसी भी भवन को खाली नहीं छोड़ा है। ओपीडी के दोनों ओर बने बस स्टॉप के विज्ञापन बोर्डों से लेकर मेडिकल मोड़ तक कंपनी के विज्ञापनों की भरमार है। हैरानी तो इस बात की है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को पूरे भवन में या तो चेतावनी बोर्ड दिखाई देते हैं या निजी कंपनी के विज्ञापन। यहां मरीज भले ही ओपीडी में अपने विभाग को तलाशते रहें, लेकिन जांच केंद्र तक पहुंचने में उन्हें कोई समस्या नहीं होती।
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बाहर से भी मरीज आते हैं जांच करवाने
ओपीडी में संस्थान के मरीज ही नहीं बाहर से भी मरीज जांच कराने आते हैं। ये मरीज निजी अस्पतालों के होते हैं और कंपनी इनसे अलग चार्ज वसूल करती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निजी कंपनी अपने लाभ के लिए सरकारी सुविधाओं का प्रयोग कर सकती है।

स्वास्थ्य अधिकारी ने उठाए सवाल
सूत्रों की मानें तो एसीएस हेल्थ ने निरीक्षण के दौरान सवाल उठाया था कि निजी कंपनी को सरकार ने एक निश्चित जगह दी है, जिसमें वह सरकार की ओर से तय कीमत पर जांच करें। लेकिन कंपनी ओपीडी के हॉल, बिजली का भी प्रयोग कर रही है। निजी कंपनी का अपना अलग गेट होना चाहिए और वह मरीजों के बैठने की व्यवस्था करे।

बोले अधिकारी
यह मामला रेडियोलॉजी विभाग के अधीन नहीं है, इस पर कार्रवाई करने का अधिकार पीजीआईएमएस प्रशासन के पास है। हां, एसीएस हेल्थ ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि हेल्थ मैप अपना अलग गेट बनाए। इससे ओपीडी की सुरक्षा मजबूत होगी और संस्थान की बिजली और मैन पावर की भी बचत होगी। मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराना निजी कंपनी की जिम्मेदारी है। इस संबंध में अगली कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख दिया गया है।
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-डॉ. रोहतास कंवर यादव, कुलपति, यूएचएसआर

बोले प्रबंधक
मुझे संस्थान या किसी अधिकारी की लगाई गई आपत्ति की कोई जानकारी नहीं है। एग्रीमेंट के अनुसार ही हमें जगह मिली है। जहां जगह दी गई है, वहीं कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इस विषय पर बोलने का अधिकार शीर्ष प्रबंधन का है। विज्ञापन मरीजों के हित में लगाए गए हैं।
-राजीव चोपड़ा, प्रबंधक, हेल्थ मैप, पीजीआईएमएस
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