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आन लाइन होगी डिग्रियां

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नोट : समाचार के साथ एमडीयू का लोगो इस्तेमाल करें।
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फोटो : वीएस 2

अमर उजाला खास खबर
डिग्री, डिप्लोमा व मार्कशीट के फर्जीवाडे़ पर ऑनलाइन लॉक लगाने की तैयारी
- एनएडी से एमडीयू आज करेगा एमओयू, डिग्रियों के फर्जीवाडे़ पर लगेगा अंकुश
- देश ही नहीं विदेश में भी नौकरी के लिए घर बैठे होगी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
- आधार से लिंक होगा विद्यार्थी का रिकॉर्ड, दूसरा नहीं कर सकेगा छेड़छाड़
- मानव संसाधन मंत्रालय की योजनानुसार देश के सभी विवि का डाटा होगा ऑनलाइन
विकास सैनी
रोहतक। सरकार ने विश्वविद्यालयों की डिग्री, डिप्लोमा व मार्कशीट के फर्जीवाडे़ पर अंकुश लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत ये दस्तावेज ऑनलाइन लॉक करने की तैयारी है। उम्मीदवार या कोई दूसरा व्यक्ति इन दस्तावेजों से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। उसका रिकॉर्ड आधार नंबर से लिंक किया जाएगा। नौकरी या अन्य कार्यों के लिए डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन में भी 10 दिन तक इंतजार नहीं करना होगा। यह काम एजेंसी खुद ऑनलाइन तुरंत कर सकेगी।
यह है योजना
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने डिग्री, डिप्लोमा व मार्कशीटों में होने वाला फर्जीवाड़ा रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत देश के सभी विश्वविद्यालयों को यूजीसी के नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) के लिंक पर अपना डाटा अपलोड करना है। विवि से डिग्री या डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी की मार्कशीट व अन्य सभी जानकारी एक जगह उपलब्ध रहेगी।
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आज साइन होगा एमओयू
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) व सीवीएल (सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड) के बीच 22 अप्रैल को एमओयू साइन होगा। विवि कुलपति कार्यालय में सुबह 11 बजे होने वाले इस एमओयू की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज व औपचारिकताएं शुक्रवार को निभाई जाएंगी।
एक ही नंबर से दो डिग्री पर लगेगा अंकुश
नई व्यवस्था से फर्जीवाडे़ पर अंकुश लगेगा। एक ही नंबर से दो डिग्री रखने वाले तुरंत पकड़े जाएंगे। यही नहीं दूसरे के नाम से डिग्री बनाकर नौकरी पाना या उस डिग्री को इस्तेमाल करना नामुमकिन होगा। नौकरी देने से पहले की संबंधित एजेंसी एनएडी की वेबसाइट पर ऑनलाइन डिग्री की सत्यता जांच सकेगी। डिग्री धारक का पूरा ब्योरा माउस की एक क्लिक पर स्क्रीन पर होगा।
उम्मीदवार को बनानी होगी एनएडी आईडी
एनएडी (नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी) पर अपलोड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का डाटा पूरी तरह सेफ होने का दावा किया गया है। इसे यूज करने के लिए उम्मीदवार को एनडी आईडी बनानी होगी। आधार कार्ड से इसे लिंक करने पर ओटीपी जारी किया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवार अपने दस्तावेज देख सकेगा। वह खुद भी इस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। दस्तावेज गुम होने पर वह उसकी प्रति डाउनलोड कर सकेगा। यह दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त मिलेगा।
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एमडीयू शुक्रवार सुबह एनएडी से एमओयू करने जा रहा है। इसके तहत विवि से डिग्री, डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जाएगा। फिलहाल पीजी का रिकॉर्ड अपलोड किया जाएगा। इसके बाद यूजी कोर्स का रिकॉर्ड भी एनएडी की वेबसाइट पर डाला जाएगा। यहां रिकॉर्ड पूरी तरह सेफ रहेगा। दूसरा कोई व्यक्ति ही नहीं, खुद उम्मीदवार भी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। इससे वेरिफिकेशन सरीखे काम आसान होंगे। एजेंसी निर्धारित शुल्क देकर तुरंत अपने नए कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज जांच सकेगी। इसके लिए उम्मीदवार को रिक्वेस्ट जेनरेट करनी होगी।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू।
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