चरखी दादरी के अस्पताल में उपचार मिलता तो बचाई जा सकती थी बच्चों की जान
- पूर्व मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री से की बात, फोन पर ही पूर्व मंत्री की सीएम से हुई नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चरखी दादरी में हुए हादसे के तुरंत बाद ही पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी पीजीआई पहुंचे। बच्चों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि यदि चरखी दादरी के अस्पताल में घायलों को उपचार दिया जाता तो दो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने बताया कि उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी इस संबंध में बात की तथा घायलों को उपचार देने को कहा। चरखी दादरी में बच्चों को उपचार नहीं देने को लेकर फोन पर ही उनकी स्वास्थ्य मंत्री से बहस भी हुई। हालांकि कहा कि पीजीआई में चिकित्सकों ने घायलों को तुरंत ही उपचार दिया । कहा कि यदि चरखी दादरी के अस्पताल में बच्चों को उपचार दिया जाता तो दो बच्चों की जान बचाई जा सक ती थी। स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया मगर बात नहीं हो सकी।
रेफर अस्पताल बना चरखी दादरी का अस्पताल
पूर्व मंत्री ने कहा कि चरखी दादरी का जिला अस्पताल रेफर अस्पताल बन चुका है। यहां पर आने वाले मरीजों को चेकअप किए बिना ही रेफर कर दिया जाता है। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
अवैध दौड़ रहे 400 से अधिक डंफर
पूर्व मंत्री नेक कहा कि हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर 400 से अधिक अवैध डंफर दौड़ रहे है। जिन्हें बंद कराने की तरफ विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।