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भूकंप से दहला शहर, एक की मौत, 48 घायल

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भूकंप के झटकों से दहला शहर, एक की मौत, 48 घायल
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चरखी दादरी।
वीरवार। समय सुबह दस बजे भूकंप के झटके महसूस होते ही शहर दहल उठा। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 48 लोग घायल हुए जबकि एक बच्चे की मौत हो गई। इस दौरान 16 घायलों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल से पीजीआई व अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। प्रशासनिक अमले ने भूकंप के झटकों के तुरंत बाद हरकत में आते हुए स्थिति संभाल ली। दोपहर 12 बजे तक स्थिति प्रशासन के काबू में होने से हालात सामान्य हो गए। इस दौरान रेस्क्यू कार्य में करीब 250 प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी लगे रहे। रेस्क्यू टीमों को स्पॉट पर पहुंचने में दिक्कतें न आए इसलिए पुलिस ने कुछ सड़कों पर ट्रैफिक भी कुछ समय के लिए रोका। इससे बस स्टैंड रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
भूकंप का पहला तीव्र झटका ठीक दस बजे महसूस हुआ। इसके बाद टास्क फोर्स एक्शन में आ गई और प्रशासनिक अधिकारी टीम के साथ बचाव कार्य के लिए निकल पड़े। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा व पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने दादरी व बाढड़ा डीएसपी को सभी थाना प्रभारियों को फोर्स सहित अलर्ट होने के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद सिटी थाना प्रभारी विकास ओलहान अपनी टीम सहित राहत कार्यों के लिए निकल पड़े। वहीं सार्वजनिक स्थानों से लोगों को सकुशल निकालने के लिए चार रेस्क्यू व टास्क फोर्स टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया। प्रशासनिक आंकड़ों की मानें तो झाडू सिंह चौक समीप स्थित शहीद दलबीर सिंह विद्यालय में सुबह साढ़े 10 बजे तक 37 बच्चे घायल हुए। इनमें से 12 को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। रोडवेज वर्कशॉप में भी अग्निशमन यंत्रों के जरिए आग पर काबू पाया गया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार यहां भी तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं जिनका उपचार राहत शिविर में कराया गया। भूकंप के झटकों की मार नगर परिषद कार्यालय पर भी पड़ी। यहां 11 लोग घायल हुए हैं और इनमें से एक को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। दो लोगों के यहां फ्रेक्चर होने की भी प्रशासनिक आंकड़ों में जिक्र है। ठीक करीब 12 बजे तक सभी घायलों को राहत शिविर में प्रशासन की तरफ से उपचार मुहैया करवा दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब दो घंटे की भागदौड़ में आग पर काबू पा लिया। सुबह करीब दस बजकर पांच मिनट पर सिटी थाना प्रभारी विकास ओलहान अपने 10 जवानों के साथ शहीद दलबीर सिंह राजकीय विद्यालय पहुंचे। खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल ने टीम लीडर की भूमिका अदा की। यहां राहत कैंप की जिम्मेदारी चिकित्सक संदीप व स्टाफ नर्स पिंकी ने संभाली। यहां से घायलों को ले जाने के लिए दो एंबुलेंस व एक दमकल विभाग की गाड़ी भी मौजूद रही।
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नगर परिषद राहत शिविर की ये रहे हालात
डीआरओ राजकुमार टीम लीडर के रूप में नगर परिषद कार्यालय में तैनात रहे। वहीं इंस्पेक्टर जगराम अपने 10 जवानों सहित व्यवस्था बनाने में और डॉक्टर अंकुर व नर्स कृष्णा अपनी टीम सहित घायलों को उपचार दे रहे थे। यहां पर दो एंबुलेंस और मलबे को हटाने के लिए एक जेसीबी मशीन भी मौजूद थी। इसके अलावा नगर परिषद सचिव संजय यादव व बिजली निगम के एक्सईएन भागीरथ लोढा अपने पांच कर्मचारियों सहित यहां तैनात रहे। राहत शिविर का अवलोकन करने सैन्य अधिकारी भी पहुंचे। इस दौरान राहत शिविर में 11 घायल पहुंचे जिनमें से एक को पीजीआई रेफर किया गया।
रोडवेज वर्कशॉप में लगी आग, तीन घायल
करीब पौने 11 बजे रोडवेज वर्कशॉप में आग लगने की सूचना भी प्रशासन को मिली। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग की गाड़ियों सहित मेडिकल व रेस्क्यू टीमें भी राहत कार्यों के लिए यहां पहुंची। रोडवेज कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए बसों में लगे अग्निशमन यंत्र के जरि अपने स्तर पर ही आग पर काबू पा लिया। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार यहां तीन लोगों के घायल होने की सूचना है।
दो घंटे रहा प्रशासन अलर्ट
सुबह दस बजे भूकंप के झटकों के साथ ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। कुछ देर में ही चार सार्वजनिक स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाए दिए गए। मुख्य राहत शिविर झाडू सिंह चौक समीप स्थित पुराने सिविल अस्पताल में लगाया गया। यहां स्वास्थ्य विभाग के करीब 20 कर्मचारी तैनात रहे। सभी कैंपों व राहत कार्यों में प्रशासन के करीब करीब 250 अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहे। घायलों को मेडिकल कैंपों में लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया और चिंताजनक हालत में कुछ घायलों को रेफर भी किया गया। इस दौरान एसपी व डीसी लघु सचिवालय से हालातों की पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।
वर्जन::
मैंने डीआरओ राजकुमार अरोड़ा सहित मौकों का निरीक्षण किया। शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल में 37 बच्चों के घायल होने व एक की मौत होने की रिपोर्ट मेडिकल टीम ने हमें बताई। बस स्टैंड वर्कशॉप परिसर में तीन के व नगर परिषद कार्यालय में 11 के घायल होने की रिपोर्ट मेडिकल टीमों ने हमें दी है।
दिनेश खरब, रिसर्च ऑफिसर
वर्जन::
मॉक ड्रिल वास्तविक घटना को जहन में रखते हुए की गई। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना काम बखूबी निभाया। लोगों को भी इस संबंध में जागरूक रहना चाहिए और प्राकृतिक आपदा के समय न केवल खुद बल्कि दूसरों की रक्षा भी करनी चाहिए।
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विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
वर्जन::
हमने सभी थाना प्रभारियों को जवानों सहित राहत कार्यों में मदद के लिए भेज दिया था। प्रशासनिक अमले के आने-जाने के लिए शहर की मुख्य सड़कों पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी बाधित रखी। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल सफल रही।
हिमांशु गर्ग, एसपी
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