बीएसएनएल के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
नारनौल। बीएसएनएल के अधिकारी व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर वीरवार एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता संचार निगम एक्जीक्यूटिव एसोसिएशन के सहायक जिला सचिव शिवराज चौधरी ने की।
बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन नारनौल शाखा के प्रधान सूबेसिंह यादव ने कहा कि रिटायर्ड जस्टिस सतीशचंद्र की अगुवाई में बनाई गई तीसरे वेतन संशोधन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। जिसे यूनियन कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए 19 जुलाई को अपनी मंजूरी दे दी है। मंजूरी के बाद ‘वहनीयता अनुच्छेद’ के अनुसार केवल उन्हें पब्लिक सेक्टर पीएसयू कर्मचारी/अधिकारियों को वेतन संशोधन मिल सकता है, जिन पीएसयू ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लाभ कमाया हो। उन्होंने कहा कि विरोधी नीतियों को लागू करने की वजह से बीएसएनएल घाटे में है। बीएसएनएल को मोबाइल क्षेत्र में वर्ष 2006 से 2012 तक उपकरण खरीदने की इजाजत नहीं दी गई। वर्ष 2007 में 45 मिलियन लाइन के टेंडर और वर्ष 2010 में 90 मिलियन लाइन के टेंडर को सुनियोजित ढंग से रद्द किया गया। बीएसएनएल के कर्मचारियों के संघर्ष की बदौलत वर्ष 2013 से बीएसएनएल प्रबंधन छूट देकर 1 जनवरी 2017 से वेतन संशोधन, पेंशन संशोधन किए जाए। सीधे भर्ती कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाए। धरने को डीईटी व एसडीई आरके शर्मा को संबोधित किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, राहुल यादव, हरिसिंह, जयप्रकाश, राजेंद्र प्रसाद काठूवास, रतीराम, रमेश खटाणा, करण सिंह, मुखत्यारसिंह, रघुवीरसिंह, मुनीम सिंह, राजेंद्र प्रसाद, ईश्वरसिंह, हजारीलाल, कमलादेवी, मंगनादेवी व दीपचंद के अलावा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र बोयत, कोशल कुमार यादव, अशोक पालीवाल, एनआरएचएम के जिला प्रधान हरकेश व सत्यवान पवार मौजूद रहे।