सिवानी मंडी। साइबर क्राइम गिरोह एटीएम में डेबिट कार्ड का क्लोन तैयार कर उपभोक्ताओं के रुपये निकाल रहा है। गिरोह इस तरह की अनेक वारदात को अंजाम दे चुका है, इसके बावजूद ना तो पुलिस उन तक पहुंच पाई है और ना ही बैंक प्रशासन रोक लगा पा रहा है। ऐसा ही एक मामला गांव लीलस के एक युवक का सामने आया है, जिसका एटीएम कार्ड उसके पास था, जबकि गिरोह ने कार्ड क्लोनिंग कर उसके खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए। खास बात यह है कि उसने इस वारदात को अंजाम भी पीड़ित के गांव लीलस से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित हांसी शहर के एक एटीएम से रुपये निकाल लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इससे पहले भी करीब तीन माह पूर्व डुप्लीकेट एटीएम तैयार कर उनके खाते से रकम निकाल ली गई थी। ताजा मामला लीलस गांव के जितेंद्र के साथ घटित हुआ है। वारदात चार अप्रैल की है। जितेंद्र के मुताबिक जिस दिन पैसे निकाले गए, वह गांव में था और उसके फोन पर किसी भी प्रकार का मैसेज तक नहीं आया। जितेंद्र दो दिन बाद जब बैंक गया तो उसे पता चला कि उसके खाते से 20 हजार रुपये एटीएम से निकाल लिए गए हैं। वारदात के वक्त एटीएम कार्ड जितेंद्र के पास था और उस दिन वह गांव में ही था, जबकि उसके रुपये हांसी स्थित एक एटीएम से निकलवाए गए हैं। बैंक में अपना एटीएम ब्लॉक करवाने के बाद वह पुलिस के पास पहुंचा और अपनी शिकायत वहां दर्ज करवाई। पुलिस ने जितेंद्र की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सच साबित होने पर मिल जाएगी रकम
एसबीआई के शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह के अनुसार अगर जितेंद्र की बात सच निकली तो उसे उसके खाते से निकाली गई राशि वापस मिल जाएगी। इसके लिए उसे बैंक और पुलिस प्रशासन की जांच प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा, साथ ही सबूत भी पेश करने होंगे। शाखा प्रबंधक का कहना है कि उपभोक्ताओं को अपने बैंक से संबंधित गोपनीय कोड बताने से परहेज करना चाहिए।
बैंक अधिकारियों और लोगों को करेंगे जागरूक : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी बलवंत जस्सू ने कहा कि कुछ मामलों में खुद उपभोक्ता जागरूकता के अभाव में भी ठगी का शिकार हो जाते है। बैंक अधिकारियों के सहयोग से उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाएगा और जनप्रतिनिधियों व बैंक अधिकारियों की बैठक भी ली जाएगी। थाना प्रभारी ने कहा कि एटीएम में किसी अन्य की मौजूदगी में पैसे नहीं निकलवाने चाहिए।