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आंधी को देख अपनी ढेरियां ढकते नजर आए किसान

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हिसार। सिरसा रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार को आंधी का प्रभाव देखकर किसान सोमवार को भी अपनी सरसों की ढेरियों को ढकते नजर आए। वहीं आढ़तियों ने भी खुले में पड़ी सरसों को बोरियों में भरवाना शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि अचानक आई आंधी से उन्हें नुकसान हुआ और फिर आज भी तो मौसम विभाग ने बारिश बता रखी है, जिस कारण वे पहले ही इंतजाम कर रहे हैं। दूसरी ओर सरसों की खरीद अब अपने अंतिम चरण पर है, वहीं गेहूं की खरीद शुरू होने वाली है। हालांकि स्थानीय अनाज मंडी में फिलहाल गेेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है और सरसों ही चल रही है, लेकिन सरकारी तौर पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद कार्य शुरू करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद अनाज मंडी में फिलहाल गेहूं खरीद की तैयारियों के कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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अनाज मंडी में सोमवार को सरसों की 1357 क्विंटल सरकारी खरीद हुई, जबकि प्राइवेट 484 क्विंटल सरसों खरीदी गई। मंडी में अभी भी सरसों की फसल के ढेर लगे हुए हैं। रविवार को आई आंधी के बाद मंडी प्रशासन के तमाम दावों को आंधी ही उड़ा ले गई। किसानों की फसल को आंधी या बरसात से बचाने के कोई इंतजाम नहीं हैं। किसानों ने रविवार को अपने स्तर पर ही तिरपाल ढक कर अपनी फसल बचाई। सोमवार को भी किसान मंडी में अपनी सरसों की ढेरियों को ढकते नजर आए। पूछने इसका कारण पूछने पर ढाया गांव से आए किसान रामप्रसाद ने कहा कि मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। ढेरी बिक गई तो ठीक, वर्ना फसल को बचाने के लिए पहले से ही इंतजाम कर रहे हैं।
चार गांवों की सरसों को खरीदा गया
सोमवार को सातरोड़, हरिता, डाया और चारनौंद गांवों के लिए सरसों की फसल की खरीद का दिन निर्धारित था। कुल 1841 क्विंटल सरसों की फसल खरीदी गई, जिसमें से 1357 क्विंटल की सरकारी खरीद हुई, जिसको हैफेड ने खरीदा, जबकि 484 क्विंटल सरसों की फसल की प्राइवेट बिक्री हुई।
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ये बोले किसान
मंडी में आए किसानों का कहना है कि उनकी फसल की बोली देरी से की जा रही है। चारनौंद के किसान अनूप सिंह, रामप्रसाद, सातरोड़ के अनिल कुमार, जिले सिंह व धीराराम ने कहा कि गर्मी बढ़ रही है और यहां पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं है। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए कई दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल तो गेहूं की फसल से बेहद कम मात्रा में आती है और सरसों की फसल में ही किसानों के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं तो अब गेहूं की फसल आएगी तो किसानों को बहुत समस्याएं झेलनी पड़ेंगी।
वर्जन
सरसों की खरीद नियमानुसार की जा रही है। जिस गांव का नंबर होता है, उसी गांव के किसानों की फसल खरीदी जा रही है। किसानों के लिए पूरे इंतजाम किए हैं और गेहूं की आवक को देखते हुए भी पूरी तैयारी की हुई है। यदि कोई कमी कहीं रह गई होगी तो उसे भी दूर कराया जाएगा।
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-सुलतान सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, हिसार।
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