रोहतक। प्रदेश के कोने-कोने से एथलीट रोहतक आकर अभ्यास करते हैं। इसके पीछे कारण है खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलना। इन सुविधाओं में शामिल है वर्ष 2012 में बने राजीव गांधी खेल परिसर के अंदर बना सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की देखरेख वाले स्टेडियम के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की इन दिनों हालत खस्ता हो रही है। स्टेडियम को किराये पर देने से इस पर से गुजरने वालों वाहनों की वजह से ट्रैक पर जगह-जगह गड्ढ़े बन गए हैं, साथ ही ट्रैक की इनसाइड बाउंड्री की पट्टी भी उखड़ गई है। इसके अलावा पास में ही लंबी कूद के लिए बना रनवे भी जगह-जगह से उखड़ चुका है।
ये हैं कारण :
स्टेडियम में सालभर कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम व गैर खेल कार्यक्रम होते रहते हैं। इन कार्यक्रमों की तैयारियों के लिए वहां पर अलग-अलग वाहन गुजरते हैं। जिनमें मुख्यत स्कूल बसें, टैंट हाउस के भारी भरकम वाहन व गणतंत्र दिवस समारोह पर झांकी प्रदर्शन के दौरान गुजरने वाले वाहन शामिल हैं।
ऐसे होते हैं खिलाड़ी प्रभावित :
राजीव गांधी खेल परिसर में बने सिंथेटिक ट्रैक पर हर रोज लगभग 800 से 1000 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इस तरह के सांस्कृतिक व अन्य गैर खेल कार्यक्रमों के आयोजनों से ये सभी खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते। इसके अलावा भारी वाहनों के गुजरने से सिंथेटिक ट्रैक खराब हो रहा है।
सिंथेटिक ट्रैक एक नजर में
लंबाई - 400 मीटर
चौड़ाई - 10 मीटर
अभ्यास करने वाले खिलाड़ी : 800 से 1000
लागत : 6 करोड़ रुपये
किराया : 35 हजार रुपये
इस तरह का कोई मामला हमारी जानकारी में नहीं है, अगर ये बिना परमीशन है तो हम एक्शन लेंगे। अगर सिंथेटिक ट्रैक से व्हीकल गुजर रहे हैं तो हम इन्हें रुकवाएंगे। - मेजर गायत्री अहलावत, संपदा अधिकारी, हुडा।