बिजली बिल निपटान योजना का जनपद के करीब 44233 उपभोक्ताओं ने लाभ लेकर अपने बकाये से मुक्ति पा ली। सिर्फ 7267 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत अपने बकाये का भुगतान करने के प्रति रुचि नहीं दिखाई। बिजली निगम के अनुसार शेष डिफाल्टर में 90 फीसदी ग्रामीण इलाकों के हैं। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताते चले बिजली निगम ने दिसंबर माह में बिजली निपटान योजना एक माह के लिए शुरू की थी। 31 दिसंबर को जब आंकड़े देखे गए तो अच्छे परिणाम होने की वजह से इस योजना के 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि रोहतक जिले के 51500 डिफाल्टर उपभोक्ताओं में से 44233 ने योजना का लाभ उठाते हुए अपने बकाये बिल का भुगतान किया। वहीं बिल नहीं भरने वालों पर बिजली निगम के कर्मचारी इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं का एसडीओ के क्षेत्र के हिसाब से ब्यौरा बनाने में जुटी हुई हैं। इसके बाद इन बकायेदारों को नोटिस देकर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
एसई एसके बंसल ने बताया कि बकायेदार डिफाल्टरों की सूची बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही पता किया जा रहा है कि किस बकायेदार के परिवार का सदस्य सरकारी नौकरी में हैं। बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति कुर्क करने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।