एसवाईएल मामले में समाधान हो सकता है, यह कोई जम्मू-कश्मीर व पाकिस्तान का मुद्दा नहीं: सोढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हरियाणा की खेल नीति बेहतर है। इससे प्रेरित होकर पंजाब में भी खेल नीति बनाई जाएगी। पंजाब की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में अलग अलग कोर्स की शुरुआत की जाएगी। विदेशी यूनिवर्सिटी से मिलकर इन्हें बेहतर बनाया जाएगा। यह कहना है पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी का। वे मंगलवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट डिप्लोमा शुरू करने के समारोह में बोल रहे थे।
यहां उन्होंने कहा कि पंजाब के खिलाड़ियों को जल्द कैश अवार्ड दिया जाएगा। पुराने खिलाड़ियों को पुरानी नीति के तहत राशि मिलेगी। पंजाब में बढ़ते नशे पर लगाम लगाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को एकदम इससे बाहर लाने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है। इस ओर सरकार भरसक प्रयास कर रही है। एसवाईएल मामले में समाधान हो सकता है। यह कोई जम्मू-कश्मीर व पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है। एसवाईएल कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं है। पानी की उपलब्धता के हिसाब से हरियाणा को उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए। भारतीय प्रबंधन संस्थान से निकलने वाले खेल प्रबंधकों से बेहतर उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस पाठ्यक्रम के स्नातकों को जल्द ही भारतीय खेल में बदलाव लाते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने खेल में उत्कृष्टता के लिए मानसिक स्थिरता के महत्व पर भी जोर दिया।
भारतीय प्रबंधन संस्थान में खेल प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यकारी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के शुभारंभ अवसर पर सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि भाजपा की खेल नीति के चलते जकार्ता में हुए एशियन खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपने देश के लिए सर्वाधिक मेडल जीते हैं। एशियन गेम्स में भारत ने 69 मेडल जीते हैं। इनमें सबसे ज्यादा 13 मेडल हरियाणा के हैं। सरकार की खेल नीति के अनुसार मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। खेल नीति के तहत नकद पुरस्कार के अलावा श्रेणी दो की नौकरी से लेकर एचसीएस की नौकरी का प्रावधान किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां खिलाड़ियों को सबसे अधिक पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है। खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने गांव स्तर पर खेल स्टेडियम और योगशालाएं बनवाई गई हैं।
भारतीय प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि खेल उद्योग एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है। इसे पेशेवर बनाना समय की मांग है। खेल प्रबंधन इस मांग का उपयुक्त उपाय है। खेल प्रबंधकों से खेल के विभिन्न व्यावसायिक पहलुओं से निपटने की आशा रखी जाती है। आने वाले समय में खेल और उससे जुड़े मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव में कुशल खेल प्रबंधकों की आवश्यकता होगी।
बीसीसीआई के पूर्व मुख्य सलाहकार नीरज कुमार ने खेलों में भ्रष्टाचार के बढ़ते जोखिम पर कहा कि विपणन और विज्ञापन के खेल में सम्मिलित होने से उनमे भ्रष्टाचार की वृद्धि हुई है। इस प्रकार प्रबंधकों के रूप में हमें खेल की भावना और अखंडता की रक्षा करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। इस तरह की परिस्थितियों से निपटने और क्षेत्र में दुर्घटनाओं के बढ़ते जोखिमों से सतर्क रहते हुए पहले से तैयार रहने की जरूरत है। इस मौके पर आजाम मेमन, जीवन मिल्खा सिंह, कुणाल करण सिंह, मेजर डीपी सिंह, नरिंदर ध्रुव बत्रा, ऋषि नारायण समेत अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।