पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार की सोच व कार्य प्रणाली पर उठाए सवाल, बोले
‘खिलाड़ियों की आय का 33 प्रतिशत स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा कराने का निर्णय गलत’
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार की सोच व कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सरकार समाज में किसी वर्ग की नहीं है। खिलाड़ियों की आय का 33 प्रतिशत हिस्सा स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा कराने के निर्णय पर सीएम मनोहर लाल खट्टर व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि ऐसी गाइडलाइन जारी कर सरकार ने दोहरी मार करने की पालिसी बनाई है।
वह शुक्रवार दोपहर अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व सीएम ने कहा कि निर्णय लिया गया है कि खेलों में भाग लेने या खेलों से संबंधित कार्यक्रमों में जाने के लिए मांगी गई छुट्टी पर उनकी तनख्वाह काटी जाएगी और दूसरा इनाम राशि में से एक तिहाई हिस्सा स्पोर्ट्स काउंसिल में जाएगा। यह सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहन करने की जगह हतोत्साहित कर रही है। क्योंकि ऐसा इतिहास में पहली बार हो रहा है कि अब खिलाड़ी सम्मान समारोह में जाने से मना करेंगे। वहीं पेयजल समस्या पर हुड्डा ने कहा कि इस समस्या पर सरकार जानबूझ कर आंख मूंद कर बैठी है। आने वाले समय में यह समस्या और बढे़गी, क्योंकि हरियाणा सरकार अपने हिस्से का पानी आज तक नहीं ले सकी है। यमुना में हो रहे खनन को सरकारी संरक्षण प्राप्त है, इसके चलते नदी में पानी लगातार घट रहा है। वहीं पूर्व सीएम ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का रथ और साइकिल पार्टी को मजबूत बना रहे हैं, लेकिन भाजपा के मुख्यमंत्री अभी भी पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए हल तलाश रहे हैं। भाजपा घोटालों की सरकार है, इनका हाजमा बहुत दुरुस्त है। ये पत्थर, दवा, दाल, रेत सब कुछ खा रहे हैं और हजम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनक्रांति यात्रा में लोगों से मिल रहा समर्थन संकेत है कि प्रदेश में आने वाली सरकार कांग्रेस की होगी। भाजपा की विफल सरकार से प्रदेश के लोगों का मोह भंग हो चुका है। यदि उनकी सरकार आती है तो वह बुजुर्गों की पेंशन एकमुश्त 3000 रुपये करेंगे और किसान व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का कर्ज माफ कर देंगे। बेहतर नीतियां बना कर हरियाणा को वापस प्रगति की राह पर लाया जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ विधायक आनंद सिंह दांगी, शकुंतला खटक, पूर्व राज्यसभा सांसद शादी लाल बतरा, पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा, कृष्णमूर्ति हुड्डा, संत कुमार, मेयर रेनू डाबला आदि उपस्थित रहे।