फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर भवनों में सिर पर मंडरा रही ‘मौत’

विज्ञापन
विज्ञापन
जर्जर भवनों में सिर पर मंडरा रही ‘मौत’
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ट्विनसिटी में सौ से अधिक पुराने भवन हैं, जिनमें से दर्जनों की हालत खस्ता हो चुकी है। तंग गलियों में बने इनमें से कई भवनों को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है, मगर इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन भवनों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे मौत लोगों के सिर पर मंडरा रही है। भवन तंग गलियों में होने से तमाम बेगुनाहों के भी इनके जद में आने की आशंका बनी रहती है, मगर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि म्यूनिसिपल एक्ट के तहत जर्जर मकानों को गिराया जाना जरूरी है।
बता दें कि शुक्रवार-शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से बिलासपुर के मारवां खुर्द और खिजराबाद के आरईयांवाला में कच्चे मकान ढह गए। गनीमत रही कि इसमें कोई आहत न हुआ, जबकि हजारों रुपये के मकान सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। इससे जगाधरी में रेलवे बाजार, गोमती मोहल्ला, पटरी मोहल्ला, राजावाली गली, बैलगड़ान, लोहरान मोहल्ला, चिड़िया मंदिर रोड, सुथरिया मोहल्ला, तेलीयान गली, झिवरवाली गली और देवी भवन बाजार समेत यमुनानगर में जमुना गली के पुराने मकानों को लेकर लोगों को डर सता रहा है। अधिकांश मकान ऐसे हैं, जो 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं, जिनके बारिश के मौसम में कभी भी ढहने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन

पहले भी हो चुके हैं हादसे, निगम नहीं ले रहा सबक
2010 में जगाधरी के हनुमान गेट के समीप एक पुराना मकान ढह जाने से एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बच्चियां स्कूल से छुट्टी के बाद लौट रहीं थीं। इसी तरह 2010 में ही रूपनगर कॉलोनी में पुराने मकान की छत गिरने से एक महिला की मौत हो गई थी। हादसों के बावजूद भी नगर निगम सबक लेता नहीं दिख रहा है। जबकि म्यूनिसिपल एक्ट के तहत पुराने जर्जर मकानों को नगर निगम द्वारा तोड़ा जा सकता है।
तंग गलियों में हैं कई दो मंजिला पुराने व जर्जर भवन
ट्विनसिटी में कई पुराने व जर्जर भावन तंग गलियों में हैं, जहां तक पैदल या साइकिल के जरिए ही जाया जा सकता है। अगर बरसात के दिनों में इन मकानों में से कोई ढह गया, तो बचाव कार्यों में दिक्कत आना लाजमी है। इन भवनों में ज्यादातर लोग किरायेदार ही हैं, जो मकानों की जर्जर हालत से परिचित होने पर भी उन्हें दुरुस्त कराने की जहमत नहीं उठाते हैं। उधर, ऐसे मकानों के मालिक भी इस ओर बेपरवाह बने हुए हैं।
मालिक भवनों को दुरुस्त कराए, अन्यथा निगम गिराए
वार्ड नंबर-4 से पार्षद प्रमोद सेठी का कहना है कि जगाधरी में पुराने भवन जर्जर हो चुके हैं, जो बरसात के मौसम में कभी भी गिरकर जानमाल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। निगम को सर्वे कर चिह्नित कंडम भवनों के मालिकों को नोटिस देना चाहिए। अगर फिर भी वह भवन दुरुस्त नहीं कराते हैं, तो निगम द्वारा ऐसे मकानों को गिराया जाना चाहिए। यदि यह कार्रवाई करने में गुरेज किया जाता है और कोई हादसा हो तो वह प्रशासन के खिलाफ खुद धरना देंगे।
विज्ञापन

कंडम भवनों से हादसे की आशंका के चलते निगम की ओर से उनके मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। अगर नोटिस पर उनकी ओर से कार्रवाई न हुई तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विवेक, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें