पानी के इंतजार और इंतजाम में दुकानदारों का बीता पूरा दिन
चरखी दादरी। आरओ प्लांट संचालकों की औचक हड़ताल के चलते सोमवार को शहर के पांच हजार दुकानदार पानी के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ा। सभी वाटर सप्लायर्स के रेट समान न होने के विरोध में किसी भी प्लांट संचालक ने पानी के कैंपरों की सप्लाई नहीं की। दुकान पहुंचने पर कैंपर नजर न आने पर जब दुकानदारों ने फोन घुमाएं तो उन्हें हड़ताल की जानकारी मिली। इसके बाद तो दुकानदारों को पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए समीपवर्ती वॉटर कूलरों व प्याऊ का सहारा लेना पड़ा। इतना ही नहीं वाटर सप्लायर्स ने मंगलवार को भी कैंपरों की सप्लाई न करने का फैसला लिया है।
शहर में निजी आरओ पेयजल प्लांट मालिकों ने रेट फिक्स किए जाने को लेकर सोमवार को पानी की सप्लाई नहीं की जिससे शहर के दुकानदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। शहर में करीब 30 आरओ प्लांट हैं जो बाजारों में रोजाना करीब 7500 पानी की कैंपर की सप्लाई करते हैं। इन आरओ प्लांट मालिकों ने शहर के बाहरी एरिया व आसपास के गांवों मेें बोरिंग कर रखे हैं तथा पानी फिल्टर कर शहर में सप्लाई करते हैं। बाजारों में दुकानदार अधिक मात्रा में आरओ पानी की कैन रखवाते हैं। शादी- समारोह या कोई भी अन्य समारोह हो सब जगह आजकल पानी की इन्हीं कैंपरों के जरिए ही काम चलाया जा रहा है। आरओ प्लांट संचालक कुलदीप सिंह का कहना है कि रेट फिक्स को लेकर दो दिन पानी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। बैठक में रेट फिक्स किए जाने के बाद ही पानी सप्लाई किया जाएगा।
पांच, आठ व दस रुपये कर रखा है कैंपर का रेट
कुछ प्लांट मालिक पांच रुपये प्रति कैंपर तो कुछ आठ रुपये लेते हैं। कुछ वाटर सप्लायर्स 10 रुपये प्रति कैंपर भी ले रहे हैं और यही पुराना रेट है। अब यह प्लांट मालिक रेट फिक्स करने की बात कर रहे हैं। जैसे-जैसे प्लांट मालिकों की संख्या बढ़ती गई इनके बीच आपसी स्पर्धा बढ़ती गई ऐसे में बहुत से प्लांट धारकों ने पानी की बिक्री कम होने पर अपने रेट कम कर दिए।
मंगलवार को भी नहीं होगी आपूर्ति
प्रत्येक प्लांट मालिक रोजाना 250 तक कैन की सप्लाई करता है। आरओ मालिक कुलदीप सिंह का कहना है कि मंगलवार को भी शहर में आरओ पानी की आपूर्ति नहीं होगी। जल्द ही सभी प्लांट मालिक बैठक बुलाकर रेट फिक्स किए जाने की बात पर जोर देंगे ताकि पूरे शहर में रेट एक समान हो सकें। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल पर सभी वाटर सप्लायर्स ने अपनी सहमति जताई है।
बिजली निगम की छापामारी का भी गुस्सा
नाम न छापने की शर्त पर एक आरओ प्लांट संचालक ने बताया कि निगम की टीमें छापमारी कर आरओ संचालकों पर भारी भरकम जुर्माना ठोंक रही हैं। इस काम में इतनी बचत भी नहीं है कि लाखों की जुर्माना राशि अदा की जा सके। कुछ समय पहले भी वाटर सप्लायर्स ने इस बारे में विचार-विमर्श किया था। इस दौरान पांच से छह वाटर संचालकों पर निगम द्वारा 10 से 20 लाख के बीच जुर्माना लगाने की कार्यवाही का विरोध भी किया गया था। यह छापामारी भी पेयजल सप्लाई रोकने का मुख्य कारण है।
आरओ पानी का कैंपर दुकान पर न रखे जाने से काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्राहकों के लिए भी पानी की समस्या बनी रही। आपसी खींचातानी का शिकार वाटर सप्लायर्स दुकानदारों को बना रहे हैं। जबकि हमारा इसमें कोई कसूर नहीं है।
पवन, दुकानदार
सुबह दुकान पर पहुंचा तो कैंपर नहीं मिला। करीब डेढ़ घंटा इंतजार के बाद भी पानी का कैंपर नहीं आया तो प्लांट संचालक को फोन किया तो उसने बताया कि दो दिन की हड़ताल है। इसके बाद तो अपने स्तर पर ही दिनभर पानी का प्रबंध करना पड़ा।
योगेश, दुकानदार
आरओ पानी न मिलने से काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। सोमवार को तो पानी के इंतजार और इंतजाम में हमारा दिन बीता। दुकान पर एक आदमी तो दिनभर पानी की बोतलें ढोने में ही लगा रहा।
जसबीर सिंह, दुकानदार
पानी न मिलने से गर्मी में दिनभर परेशानी बनी रही। दिनभर ग्राहकों के लिए भी दिक्क्त बनी रही। आरओ मालिकों को समय पर पानी की आपूर्ति करनी चाहिए। पीने के पानी के लिए परेशानियां न झेलनी पड़े इसलिए कैंपर रखवाते हैं।
जतिन, दुकानदार