अधिकारियों ने दबा लिया फर्नीचर घोटाला, भाजपा के पार्षद कल करेंगे सीएम से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम के फर्नीचर घोटाले की फाइल चंडीगढ़ एक टेबल से दूसरी टेबल के बीच चक्कर काट रही है। फिलहाल संबंधित अधिकारी ने एक सप्ताह की छुट्टी की बात कही है। वहीं इस मामले में शिकायत करने वाले भाजपा पार्षद भी कांग्रेस के मेयर पर मेहरबानी से हैरान हैं। अब भाजपा के पार्षद बुधवार को सीएम से इस मामले की शिकायत करेंगे। यह बात और है कि पहले भी सीएम कार्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्रवाई की बात कही गई थी।
नगर निगम हाउस ने 2014 में हर वार्ड के अंदर पब्लिक सुविधा केंद्र खोलने के लिए फर्नीचर खरीदने का फैसला किया गया। इसके लिए तीन कोटेशन मंगवाई गई। एक फर्नीचर व्यापारी से 18 लाख से ज्यादा में फर्नीचर खरीदा गया। जनवरी 2015 में निगम की ओर से राशि जारी कर दी गई। तभी सवाल उठने लगे कि निगम ने यह फर्नीचर मार्केट रेट से ज्यादा पैसे में खरीदा है। बाद में फर्नीचर सप्लाई करने वाले व्यापारी ने एक लाख 42 हजार रुपये का चैक वापस निगम के खाते में जमा करवा दिया। जांच के दौरान केस की प्रॉपर्टी मानकर निगम की अकाउंट ब्रांच ने अभी तक चैक को भुनाया नहीं है। मामले की पहले ट्रेनिंग पर आए आईएएस अधिकारी विक्रम सिंह ने जांच की। 2016 में विजिलेंस ने जांच पड़ताल की। विजिलेंस ने जांच में फर्नीचर की खरीद में वित्तीय अनियमितता मानी। इसमें मेयर रेनु डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, एमई जगदीश चंद्र और अकाउंटेंट विकास को जिम्मेदार माना। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के आचरण पर फैसला लेने एवं अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की विजिलेंस ने सिफारिश की थी। 30 मई को केबिनेट मंत्री ने सीएम हाउस से हरी झंडी मिलने के बाद कार्रवाई का खुलासा किया था। इसके बाद लगभग 20 दिन से फाइल चंडीगढ़ मुख्यालय में अधिकारियों के बीच चक्कर काट रही है।
एक सप्ताह की छुट्टी पर जा रहा हूं, आकर फाइल आगे बढ़ाऊंगा
मामले में शिकायतकर्ता भाजपा पार्षद अशोक खुराना ने बताया कि वे कई दिन से चंडीगढ़ स्थित शहरी निकाय विभाग के मुख्यालय में अधिकारियों से बात कर रहे हैं। अधिकारी टालमोटल कर रहे हैं। पता चला कि फाइल अंडर सेक्रेटरी के पास है। पूछने पर अंडर सेक्रेटरी ने कहा कि वह एक सप्ताह की छुट्टी पर जा रहे हैं। इसके बाद ही फाइल आगे बढ़ाई जाएगी।
भाजपा पार्षद मामले को लेकर चंडीगढ़ में बुधवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिलेंगे। पार्षदों का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही है। इसके बावजूद अधिकारी फर्नीचर घोटाले की फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे। इस तरह सरकार बदनाम हो रही है।
अशोक खुराना, शिकायतकर्ता एवं भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
मेरी टेबल से फाइल चली गई थी। अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है इस बारे में अधिकारियों से से जवाब मांगा जाएगा। भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कविता जैन, केबिनेट एवं शहरी निकाय मंत्री।