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Rohtak News: 14.50 करोड़ रुपये की देवास जल परियोजना का 50 प्रतिशत काम पूरा

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फोटो संख्या:61- देवास जलघर में नए टैंक को लेकर मिट्टी की खुदाई करती बुलडोजर---संवाद
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महेंद्रगढ़। गांव देवास में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रही 14.50 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी होने के बाद वर्ष 2047 तक शहरी आबादी को पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा। इस परियोजना के बाद विभाग के पास शहरी आबादी की प्यास बुझाने के लिए कुल 42.50 करोड़ लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता हो जाएगी।
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यह क्षमता शहरी आबादी को नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। परियोजना का 50 प्रतिशत काम पूरा भी कर लिया है। विभाग के लिए मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा तय है।
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वर्तमान में यह है पेयजल की स्थिति
वर्तमान समय में जन स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 30 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं लेकिन एक माह तक इन टैंकों में से छह करोड़ लीटर पानी का वाष्पीकरण हो जाता है। ऐसे में विभाग के पास 20 करोड़ लीटर पानी ही शहरी आबादी के लिए शेष रहता है। वहीं टैंकों में गाद जमी होने से इनकी क्षमता एक तिहाई घट गई थी। शहर की 50 हजार की आबादी को वर्तमान समय में प्रति व्यक्ति 170 लीटर पानी के हिसाब से 85 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। विभाग को एक माह के समय में कम से 10 से 15 दिन तक पानी की राशनिंग करनी पड़ती है। अब 12.50 करोड़ लीटर क्षमता के दो टैंकों का निर्माण होने से कुल क्षमता 42.50 करोड़ लीटर हो जाएगी। साथ ही ऑटोमैटिक मोड पर जन परियोजना को अपग्रेड किया जाएगा जिससे पेयजल की बर्बादी से राहत मिलेगी। इसके अलावा टैंक नंबर एक व दो की मरम्मत का काम भी पूरा किया जा चुका है।
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मार्च 2027 तक पूरी होगी परियोजना
विभाग की ओर से 14.50 करोड़ रुपये की लागत से देवास जल परियोजना पर 12.50 करोड़ लीटर क्षमता के दो नए टैंक बनाने का काम भी 50 प्रतिशत पूरा कर लिया है। जल शोधन की दोनों यूनिटों को अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के तहत सात किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर शहर के बूस्टिंग स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। इससे शहर में पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा। परियोजना पर जल शोधन व वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने के लिए ऑटोमैटिक वॉल्व सिस्टम लगाया जा रहा है।
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वर्जन
इस परियोजना के तहत कुल 14.50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। 12.50 करोड़ लीटर क्षमता के दो नए टैंकों के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। फिल्टरेशन यूनिट को भी अपग्रेड किया जा रहा है। मार्च 2027 तक परियोजना को पूरा करने के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति भी शुरू कर दी जाएगी। यह परियोजना आगामी 20 वर्षों तक आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। -सुरेंद्र यादव, कनिष्ट अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:61- देवास जलघर में नए टैंक को लेकर मिट्टी की खुदाई करती बुलडोजर---संवाद

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