रोहतक। दादा लखमीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला विवि के नौ विद्यार्थियों को अपनी पांच फिल्मों के साथ लंदन पहुंचने का है। विवि की फैकल्टी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन के विद्यार्थियों ने पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन संबंधी विषय पर बनाई इन फिल्मों के जरिए विश्वविद्यालय का नाम विश्व पटल पर अंकित किया है।
ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट, लंदन की ओर से आयोजित यूनाइटेड किंगडम एशियन फिल्म फेस्टिवल 2024 (यूकेएएफएफ) में भारत से पांच फिल्मों का चयन हुआ है। इसमें विभिन्न श्रेणियों में डीएलसी सुपवा के छात्र शिवम पांडेय (एक्टिंग, बैच 2019), मिताली (डिप्लोमा एक्टिंग, बैच 2023), अशोक (एक्टिंग, बैच 2020), चेतन शर्मा (एक्टिंग, बैच 2018), तन्मय भूटानी (ऑडियोग्राफी, बैच 2019), किरण कट्टा (सिनेमैटोग्राफी, बैच 2019), यशवंत (अभिनय, बैच 2020), राहुल कात्याल (एडिटिंग, बैच 2020), अमित कुमार (डायरेक्शन, बैच 2012) शामिल हैं।
इनकी पांचों फिल्में पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन से संबंधित विषयों पर केंद्रित हैं। सभी फिल्मों को शॉर्ट्स टीवी के सहयोग से राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के जरिए सीएमओटी (क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमारो) के हिस्से के रूप में मात्र 48 घंटों में बनाया गया है।
यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल का 26वां संस्करण 2 से 12 मई तक लंदन, लीसेस्टर और ऑक्सफोर्ड में आयोजित करेगा। इस दौरान चार मई को इन पांचों फिल्मों को यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। बता दें कि ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट (बीएफआई) की स्थापना 1933 में यूनाइटेड किंगडम में फिल्म, टेलीविजन और चलती छवि की कला के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी।