एमडीयू के खेल विभाग में शनिवार को आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में महिला कब्बडी मे
रोहतक। कबड्डी चैंपियनशिप में खेलने से पहले ही आंध्रप्रदेश की टीमों को कड़े मुकाबले में जूझना पड़ा। एमडीयू के जिम्नेजियम हॉल में चल रही 46वीं जूनियन नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप के लिए आंधप्रदेश से दो-दो टीमें रोहतक पहुंचीं। इसकी वजह आंध्रप्रदेश में दो एसोसिएशनों के बीच चल रहा विवाद है। इसके चलते एक-एक टीम कोर्ट से और एक-एक एसोसिएशन की ओर से बनाई गई। एमडीयू में कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासक ने ट्रायल लेने के बाद इनमें से छह-छह खिलाड़ी लेकर दो टीमें बनाई और चैंपियनशिप में खेलने की मंजूरी दी।
दरअसल, कबड्डी चैंपियनशिप के लिए रोहतक में आंध्रप्रदेश की टीमें भी पहुंचीं। यहां से दो नहीं चार टीमें आईं। दो लड़कियों और दो लड़कों की। इसे लेकर शुरू से ही संशय बना रहा। शुक्रवार शाम करीब चार बजे इस मामले में कोर्ट की ओर से नियुक्ति प्रशासक रोहतक पहुंचे। इन्होंने टीमों के चयन के लिए पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को समझाया। वे नहीं माने तो जिम्नेजियम हाल में ही उनका ट्रायल कराया। इसके बाद चारों टीमों से छह-छह खिलाड़ी लेकर दो टीमें गठित कीं। इन्हीं टीमों ने आंध्र प्रदेश के लिए शनिवार को मैच खेले। इस सारे प्रकरण को लेकर चयन कमेटी गठित की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में नए सिरे से आंध्र प्रदेश की टीमें चुनी गईं।
यह है मामला
आंध्र प्रदेश में कबड्डी के दो संघों के बीच विवाद चल रहा है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। चूंकि रोहतक में नेशनल चैंपियनशिप हो रही है। ऐसे में आंध्र प्रदेश की टीम भी इसमें शामिल होने पहुंची। मामले को लेकर दूसरी एसोसिएशन कोर्ट पहुंच गई। इसके बाद आंध्र प्रदेश से एक-एक टीम एसोसिएशन व एक-एक कोर्ट की ओर से आई। यही नहीं शुक्रवार शाम करीब चार बजे कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासन ने नई टीमें गठित कराईं और रात करीब दस बजे रवानगी ली।
आंध्र प्रदेश से कबड्डी चैंपियनशिप के लिए दो-दो टीमें पहुंची थीं। कोर्ट विवाद के चलते प्रशासक ने यहां पहुंचकर खिलाड़ियों का ट्रायल लिया और दो में से एक टीम गठित की। नवगठित टीमों ने चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।
-द्रोणाचार्य अवॉर्डी रणधीर सिंह सहरावत, चीफ सिलेक्टर, सिलेक्शन कमेटी।