संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई के अनुबंधित कर्मचारी हड़ताल के 19वें दिन शुक्रवार सुबह 7 बजे जैसे ही विजय पार्क में धरनास्थल पर पहुंचे तो पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें धरना देने से रोक दिया। जब कर्मचारी नहीं माने तो करीब 450 अनुबंधित कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और गाड़ी में पुलिस लाइन ले गए। यहां इन्हें शाम करीब 10 घंटे तक रखा। इसके बाद शाम करीब 5 बजे छोड़ दिया गया।
कर्मचारी नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से विजय पार्क में बैठने की अनुमति मांगी, लेकिन इन्कार कर दिया। विरोध में कर्मचारियों ने कहा कि वे एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) में शामिल होने तक धरनास्थल नहीं छोड़ेंगे। पुलिस हिरासत में लिए कर्मचारियों का आरोप था कि उन्हें जहां पुलिस लाइन में भेजा गया, वहां पीने के लिए पानी तक भी उपलब्ध नहीं था।
पार्क में जहां धरने पर बैठे थे कर्मचारी, प्रशासन ने लगाए पौधे
कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर नॉन-टीचिंग एम्प्लॉइज एसोसिएशन व नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान पुलिस लाइन पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। प्रशासन ने विजय पार्क में 500 से अधिक पौधे लगाने का निर्णय लिया है। यहां पर पौधे लगाने शुरू कर दिए हैं।
विरोध में सीटू, सर्व कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों का प्रदर्शन
अनुबंधित कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को सीटू, सर्व कर्मचारी संघ और अन्य संगठनों ने उपायुक्त कार्यालय पर जाकर प्रदर्शन किया। मानसरोवर पार्क में सभा के बाद डीडीपीओ राजपाल चहल के माध्यम से वेतन वृद्धि की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा गया।
नेताओं ने सरकार की दमनात्मक कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया और 1300 से अधिक ठेका कर्मचारियों को एचकेआरएन में शामिल करने की मांग की। साथ ही, 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग दोहराते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की अपील की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर्मवीर सिवाच और कमलेश लाहली ने की। इस दौरान सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह, जिला सचिव विनोद, सुमेर सिवाच और जयवीर चहल ने सरकार की दमनात्मक कार्रवाई की निंदा की।