पीजीआईएमएस के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग से बच्चा चुराने वाली महक उर्फ ममता संस्थान से अनजान नहीं है। वह संस्थान को पहले से जानती है। इसकी वजह उसका यहां स्टाफ नर्स के रूप में काम करना है। वह तीन साल पहले संस्थान छोड़ गई थी। यह महिला बच्चा चुराने की फिराक में दो दिन से थी। लोगों ने उसे घूमते हुए भी देखा। इस बारे में जब पुलिस कर्मचारियों ने महिला का फोटो दिखाकर लोगों से उसके बारे में पूछा तो यह बात समाने आई। पुलिस के जवानों ने आरोपी को पकड़ने के लिए महिला का फोटो हाथ में लेकर एक-एक व्यक्ति से पूछताछ की।
दो आधार कार्ड बनवाए
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की दो पहचान है। मूलरूप से बहादुरगढ़ की रहने वाली महक उर्फ ममता के एक नहीं दो आधार कार्ड हैं। इसने सोनीपत रठधाना निवासी दिनेश से प्रेम विवाह किया है। उनकी शादी 28 अप्रैल 2018 को हुई।
लड़का ले जाना था ले गई लड़की
पुलिस की पकड़ में आई बच्चा चुराने वाली महिला पीजीआई में लड़का लेने आई थी। वह गलती से लड़की ले गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसे नहीं पता था कि मनीषा ने लड़की को जन्म दिया है। हालांकि वह दो दिनों से वहां रेकी कर रही थी।
फिर गच्चा खा गए पीजीआई के गार्ड
संस्थान की सुरक्षा में तैनात गार्ड फिर गच्चा खा गए। पहली बार संस्थान से बच्चा चोरी होने के बाद गायनी विभाग में कुछ नियम तय हुए थे। इनमें एंट्री रजिस्टर के अलावा हर बाहर जाने वाले बच्चे का रिकॉर्ड दर्ज करना व पहचान जांच करना शामिल है। वीरवार को जब बच्ची को महिला बाहर ले गई तो उसके हाथ पर टैग लगा था। इसे किसी ने नहीं जांचा। गार्ड बैठे रहे और महिला बगैर किसी रोक टोक वहां से निकल गई। गार्ड उसे रोकते, पूछताछ करते तो शायद महिला बाहर नहीं जा पाती।
बच्ची बरामद कर एसपी बने हीरो
संस्थान से चोरी हुई बच्ची को सकुशल बरामद कर एसपी जशनदीप सिंह रंधावा लोगाें की नजरों में हीरो बन गए। उन्होंने आरोपी महिला को भी पकड़ लिया। इससे पूर्व जब बच्चा चोरी हुआ तो पूरी फोर्स हाथ मलती रह गई थी। अब तक भी यह मामला अनट्रेस है। इस केस में पीजीआई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पी गौतम व सिक्योरिटी एजेंट अशोक कुमार की भी खासी भूमिका रही। एसपी ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करते हुए महकमे के सभी व्हाट्सअप ग्रुपों में आरोपी महिला की फोटो वायरल करा दी। इसके बाद हर जवान आरोपी की तलाश में जुट गया। थाना प्रभारी व उनकी एसए टीम लोगों के बीच फैल गई। इस टीम ने सादे कपड़ों में रह कर हर हरकत पर नजर रखने के साथ आरोपी महिला से जुड़े तथ्य जुटाए।
एक बार मिलवा दो उससे
वीरवार रात सवा नौ बजे बच्ची मिलने के बाद उसकी बुआ रिंकल व अन्य परिजन पीजीआई थाने पहुंचे। यहां सभी ने पुलिस का आभार जताते हुए एक बार आरोपी महिला से मिलने का आग्रह किया। उनका कहना था कि हम उससे पूछना चाहते हैं कि किसी का बच्चा वह ले कैसे गई। उसे दया नहीं आई। मां पर न सही मासूम बच्चा कैसे अपना पेट भरेगा, उसने यह तक नहीं सोचा। पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें महिला से नहीं मिलने दिया। सभी को समझाकर शांत किया और थाने से लौटाया।
काश। मेरी भी किस्मत होती मनीषा जैसी..
- डेढ़ साल पहले पीजीआई के गायनी विभाग में अपने नवजात बेटे को खोने वाली रंजू बोली,
रोहतक। पीजीआई के गायनी विभाग से बच्ची चोरी होने का पता लगा। वह मिल गई है। अच्छा है। बच्ची को मां का प्यार मिलेगा। काश... मेरी भी किस्मत मनीषा जैसी होती। मेरा बेटा मुझे मिल जाता। पता नहीं कहां होगा, कैसा होगा। यह कहना है डेढ़ साल पहले संस्थान के गायनी विभाग में डिलीवरी के तुरंत बाद अपना बच्चा गंवाने वाली रंजू का। लेबर रूम से चोरी हुए नवजात का आज तक सुराग नहीं लगा है। पीड़ित मां से बात की तो उसने अपना दर्द अमर उजाला के साथ साझा किया।
रंजू ने कहा कि हम हर दरवाजा खटखटा चुके हैं। पुलिस ही नहीं, पीजीआई के अधिकारी व मंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं। हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। पुलिस हर बार मामले की जांच चलने की बात कह कर चलता कर देती है। महिला डॉक्टर जांच के सहयोग नहीं कर रही है। उसका अब तक पॉलीग्राफ टैस्ट नहीं हुआ है। वह बार-बार यह टैस्ट कराने से मना कर रही है। पुलिस इनके सामने बेबस है। यही वजह है कि वीरवार को दोबारा बच्चा चोरी की घटना हुई। यह तो मनीषा की किस्मत अच्छी थी कि सीसीटीवी कैमरे चल रहे थे। इसमें बच्चा ले जाने वाली की तस्वीर आ गई और वह पकड़ी गई।
बच्चा चोरी की सूचना पर दौड़े डायरेक्टर
मदर एंड चाइल्ड हास्पिटल से वीरवार को बच्चा चोरी की खबर कैंपस ही नहीं पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। यह खबर मिलते ही पीजीआई निदेशक डॉ. रोहताश यादव खुद मौके पर पहुंचे। उनके साथ एमएस डॉ. एमपी वशिष्ठ भी थे। दोनों अधिकारियों ने न केवल पीड़ित परिवार से बात की, बल्कि पुलिस कार्रवाई की भी जानकारी ली। संस्थान के सुरक्षा कर्मचारियों को भी जांच में लगाया। सुरक्षा सुपरवाइजर बलवान को सीसीटीवी फुटेज जांचने के लिए घर से बुलाया गया।
पिछले मामले का हो सकता है खुलासा
संस्थान में चर्चा है कि बच्चा चोरी जैसी घटना हैरानी कर देनी वाली है। यह दूसरा मामला है कि जिसमें संस्थान से बच्चा चोरी किया गया है। इस बार आरोपी महिला के पकडे़ जाने से उम्मीद जगी है कि शायद पहले हुआ बच्चा चोरी का भी कोई सुराग लग जाए। देर रात तक अधिकारी महिला की फोटो के साथ सर्च करने में लगे रहे कि वह संस्थान में और कहां आती जाती थी।