अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में एक दोषी युवक को अदालत ने वीरवार को तीन साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पांच साल से ज्यादा पुराने इस मामले से जुड़े दो आरोपियों को अदालत ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
मामले के अनुसार हिसार के सेक्टर-14 क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति (मूल निवासी मध्य प्रदेश) ने अनाज मंडी पुलिस चौकी में 5 दिसंबर 2013 को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि उसकी भाभी ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और युवक धर्मेंद्र के साथ उसकी 14 साल की बेटी को गायब कर दिया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ 13 दिसंबर 2013 को अनाज मंडी चौकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366ए और 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने धर्मेंद्र को दोषी ठहराते हुए धारा 363 के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो हजार रुपये जुर्माना भी किया, जबकि बाकी दोनों आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।