राजनीति : जिसने दिलवाई थी कुर्सी, उसी के साथ नहीं आतीं मेयर
- समय के साथ बढ़ रहीं कांग्रेसी मेयर रेनू डाबला और पूर्व विधायक बीबी बतरा के बीच दूरियां
- पार्किंग मामले से पहले सफाई कर्मियों की हड़ताल के समय भी बतरा के साथ निगम नहीं पहुंची थी मेयर
- मेयर बोली, ऐसा कुछ नहीं, गुरुवार को व्यक्तिगत कारणों से थी व्यस्त
- पूर्व विधायक बोले, सब कांग्रेसी, हर कोई अपनी भूमिका अदा कर रहा, मुझे किसी से शिकायत नहीं
- कांग्रेसी पार्षद गुलशन, अनीता, संजय व भाटी ही नजर आ रहे बतरा के साथ
विजेंद्र कौशिक
रोहतक। शहर के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने निगम के वार्ड नंबर 4 से पार्षद रेनू डाबला को मेयर की कुर्सी तक पहुंचाने में पांच साल पहले अहम भूमिका निभाई। पूनम किलोई, ममता रानी व सुशीला इंदौरा भी कुर्सी के लिए दावेदारों में थी, लेकिन डाबला पर कांग्रेसी पार्षदों की सहमति बनाई गई, लेकिन कार्यकाल के आखिरी दिनों में मेयर व बतरा के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। सफाई कर्मियों की हड़ताल का मामला हो या पूर्व विधायक द्वारा पार्किंग का मुद्दा उठाया गया हो। दोनों मामले निगम से संबंधित होने के बावजूद मेयर बतरा के साथ दिखाई नहीं दी। इस कारण राजनीतिक गलियों में चर्चा है कि विधानसभा की कलानौर सीट की टिकट के कारण दोनों नेताओं के संबंध पटरी से उतर गए हैं।
साल 2010 में नगर निगम का गठन किया गया। तीन साल बाद 2 जून 2013 को पहला चुनाव कराया गया, जिसमें मेयर की कुर्सी एससी वर्ग की महिला पार्षद के लिए रिजर्व रखी गई। यहीं कारण है कि एससी वर्ग की महिला के लिए दो वार्ड रिजर्व थे, लेकिन चार एससी महिला पार्षद चुनाव जीतकर हाउस पहुंची। ममता रानी और पूनम किलोई ने वार्ड महिला के लिए रिजर्व न होने के बावजूद जीत हासिल की। बाद में कुर्सी पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के करीबी रहे आजाद डाबला की पुत्रवधू एवं चार वार्ड से पार्षद बनी रेनू डाबला को मिली।
...जब शादीलाल बतरा का डाबला ने किया जोरदार अभिनंदन
पूर्व विधायक रहे शादीलाल बतरा ने राज्यसभा सांसद के तौर पर अपना पांच साल का कार्यकाल 30 अप्रैल को पूरा किया है। कार्यकाल पूरा होने पर उनका मातूराम कम्यूनिटी सेंटर में जोरदार अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मेयर रेनू डाबला ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शादीलाल की कलानौर से कांग्रेस की टिकट दिलवाने में हर बार अहम भूमिका रही है। ऐसे में डाबला को लगता है कि अबकी बार शादीलाल उन्हें कलानौर से कांग्रेस पार्टी की टिकट दिलवाने में सहयोग करेंगे। जबकि शहर के कांग्रेसियों को पता है कि शादीलाल बतरा और भारत भूषण बतरा के बीच राजनीतिक कारणों के चलते दूरियां रही हैं। हालांकि दोनों पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबियों में से एक हैं। इस कारण भारत भूषण बतरा और मेयर रेनू डाबला के बीच संबंध जैसे नहीं रहे हैं। ज्ञात हो कि इस समय कलानौर की विधायक शकुंतला खटक हैं।
व्यक्ति कारणों से नहीं पहुंच सकी : डाबला
पूर्व विधायक का आज भी उतना ही सम्मान करती हूं, जिनका पहले किया था। किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं हैं। व्यक्तिगत कारणों के चलते पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के साथ कर्मचारियों की हड़ताल के समय और पार्किंग के मामले में हुई प्रेसवार्ता में नहीं पहुंच सकी।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
सब कांग्रेसी, हर किसी की अपनी भूमिका, किसी से शिकायत नहीं : बतरा
यह सच है कि मेयर रेनू डाबला सफाई कर्मियों की हड़ताल के समय उनके साथ निगम कार्यालय व गुरुवार को पार्किंग मामले में मीडिया के सामने नहीं थीं। सब कांग्रेसी हैं, जिनकी पार्टी में अपनी-अपनी भूमिका है। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है।
- भारत भूषण बतरा, पूर्व विधायक
निगम में कांग्रेस के 12 पार्षद, चार पूर्व विधायक के करीबी
निगम हाउस में वार्ड नंबर 1 से राजबीर सैनी, 3 से रेनू डाबला, 5 से सूरजमल रोज, 6 से मंजू हुड्डा, 7 से सरिता देवी, 8 से उपासना देवी, 11 से अनीता मिगलानी, 12 से गुलशन ईशुपुनियानी, 13 से संजय सैनी, 16 से अशोक भाटी, 19 से अनिल कुमार व 20 से लक्ष्मी देवी पार्षद हैं। जबकि वार्ड 18 से पूनम किलोई, जो पहले कांग्रेसी थीं, अब भाजपा में हैं। चाहे सफाई कर्मियों की हड़ताल का मामला हो या पार्किंग का मुद्दा। पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के साथ अनीता मिगलानी, गुलशन ईशपुनियानी, संजय सैनी और अशोक भाटी ही नजर आए हैं। जबकि अनिल, मंजू के पति बिजेंद्र हुड्डा मेयर के साथ सफाई कर्मियों को समर्थन देने पहुंचे थे। ऐसा तो नहीं, कांग्रेस के निगम पार्षदों में दो ग्रुप बन गए हैं।