फ्लैग : शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला
हेडिंग : जांटी कलां का युवक दोस्त सहित दोषी करार, सजा 27 को
: एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने सुनाया फैसला, तीन को मिली क्लीनचिट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
डेढ़ साल पहले शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में सोनीपत के गांव जांटी कलां निवासी जगमेंद्र उर्फ रोहित व उसके दोस्त सरढ़ाना निवासी काला उर्फ कृष्ण को दोषी करार दिया है। जबकि तीन आरोपियों जगमेंद्र के भाई मनेंद्र, दहिया कॉलोनी निवासी राजबीर व टेवड़ी निवासी अजीत को बरी कर दिया। दोषी युवकों को अदालत द्वारा 27 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।
अभियोजन के अनुसार कलानौर निवासी एक व्यक्ति ने जुलाई 2016 में कलानौर थाने में शिकायत दी कि वह रात को परिवार सहित छत पर सोया हुआ था। रात को करीब ढाई बजे बारिश आ गई। नींद खुलने पर पता चला कि उसकी 11वीं में पढ़ने वाली बेटी नहीं है। कई जगह तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। उसके बेटे के मोबाइल पर दो नंबर से कॉल आई थी। जांच में पता चला कि ये नंबर सोनीपत स्थित कुंडली थाने के अंतर्गत गांव जांटी कलां निवासी जगमेंद्र उर्फ रोहित के हैं। उन्हें शक है कि रोहित ही उसकी नाबालिग बेटी को शादी की नियत से बहला-फुसला कर ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर युगल की तलाश शुरू की। पुलिस ने वारदात की साजिश में शामिल होने के आरोप में जगमेंद्र के भाई मनेंद्र, अजीत निवासी टेवड़ी, राजबीर निवासी दहिया कॉलोनी व सरढ़ाना निवासी कृष्ण उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के दो सप्ताह बाद पुलिस नाबालिग छात्रा को बरामद करने में कामयाब रही। उसका मेडिकल करवाकर केस के अंदर दुष्कर्म की धारा व पोक्सो एक्ट भी जोड़ा गया। साथ ही जगमेंद्र को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तभी से कोर्ट के अंदर केस चल रहा था। शुक्रवार को एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने जगमेंद्र व काला उर्फ कृष्ण को दोषी करार दिया, जबकि मनेंद्र, अजीत व राजबीर को बरी कर दिया।