डोभी तालाब पर मंदिर का कमरा गिराने पर हंगामा, नप कर्मचारियों पर फेंके पत्थर
भिवानी। प्रशासन की मौजूदगी में नगर परिषद ने डोभी तालाब पर मंदिर से सटे निर्माणाधीन कमरे को गिराया तो लोग भड़क गए और जमकर हंगामा किया। नगर परिषद के पूर्व प्रधान व सिटी थाना एचएचओ के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। विधायक के पहुंचने के बाद लोगों ने परिषद की टीम पर गुस्सा उतारा। भीड़ के तेवरों को देखते परिषद की टीम को बीच में ही लौटना पड़ा। भीड़ में से कुछ लोगों ने परिषद की टीम पर पत्थर भी फेंके। बाद में लोगों ने कुछ समय के लिए महम चौक पर जाम भी लगाया। शाम के वक्त लोगों ने विधायक को ज्ञापन दिया।
बुधवार सुबह 10 बजे डीसी अंशज सिंह, एसडीएम सतीश कुमार, सीटीएम महेश कुमार और नगर परिषद की टीम पुलिस बल के साथ डोभी तालाब पर पहुंची। बताया जाता है कि सीएम अनाउंसमेंट के तहत डोभी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना को मूर्त रूप देने के लिए डीसी व अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। इसके बाद परिषद की जेसीबी ने लोहड़ पीर बाबा मंदिर के पिछले हिस्से में बन रहे कमरे को ढहाना शुरू कर दिया। दीवार हटते ही पूरा लेंटर नीचे आ गिरा। मंदिर का कमरा गिरने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने लगे। इसी दौरान नगर परिषद के पूर्व प्रधान भवानी प्रताप मौके पर पहुंचे और डीसी से बात की। लेकिन, कार्रवाई नहीं रुकी। इसके बाद डीसी, एसडीएम व सीटीएम मौके से चले गए। लोगों की संख्या बढ़ती गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच विधायक घनश्याम सर्राफ मौके पर पहुंचे और नगर परिषद के सचिव व अन्य अधिकारियों से बात की। लोगों की नाराजगी बढ़ती गई और लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों के तेवर को देखते हुए नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारियों ने कार्रवाई बंद कर दी। नप की टीम जब जाने लगे तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने अधिकारियों की गाड़ी पर पत्थर फेंके। इसके बाद विधायक की अगुवाई में लोग डीसी से मिले और अपनी बात रखी। इसके बाद लोगों ने शाम छह बजे विधायक से इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाए जाने का अनुरोध किया।
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आधा दर्जन अतिक्रमण ढहाए
लोहड़ पीर बाबा मंदिर के कमरे समेत परिषद के दस्ते ने आधा दर्जन निर्माण ढहाए। लोगों ने डोभी तालाब के इर्द-गिर्द पक्के निर्माण कर रखे थे। किसी ने पशुओं का बाड़ा बना रखा था तो किसी ने स्टोर। कर्मचारी मलबे से खिड़की-दरवाजे व ईंट ट्रैक्टर ट्राली में रखकर अपने साथ ले गए।
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पूर्व प्रधान व सिटी थाना एसएचओ के बीच तीखी नोक-झोंक
डीसी की मौजूदगी में नगर परिषद के पूर्व प्रधान भवानी प्रताप सिंह और सिटी थाना एसएचओ श्रीभगवान के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बात इतनी बढ़ी कि नौबत धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। करीब 10 मिनट तक माहौल में तल्खी रही।
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महम चौक पर जाम लगाने की कोशिश
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बंद होने के बाद लोग महम चौक पर जमा हो गए। लोगों ने कुछ समय के लिए रास्ता जाम कर दिया। बाद में खुद ही जाम हटा लिया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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वर्शन .....
कमरा मंदिर की हद में बन रहा था और इस जमीन का नगर परिषद से कोई ताल्लुक भी नहीं है। इसके बावजूद परिषद ने बिना किसी नोटिस के मंदिर का कमरा तोड़ दिया। परिषद की यह कार्रवाई गलत है। इससे श्रद्धालुओं में रोष फैल गया। श्रद्धालुओं की दान-दक्षिणा से कमरा बनाया जा रहा था। डीसी से अनुरोध किया था कि तालाब पर जितने भी कब्जे हैं तोड़े जाने चाहिए। लेकिन, मंदिर के कमरे को न तोड़ा जाए। यह 36 बिरादरियों की आस्था का मसला है।
- भवान प्रताप सिंह, पूर्व प्रधान, नगर परिषद
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निर्माणाधीन कमरा अवैध था, इसलिए गिराया गया है। मंदिर पक्ष से कागज मांगे थे, लेकिन वे लोग कोई कागज नहीं दिखा पाए। लोगों के विरोध की वजह से काम बीच में छोड़ना पड़ा। अब जल्द ही पुलिस फोर्स लेकर अतिक्रमण ढहाए जाएंगे।
राजेश मेहता, सचिव, नगर परिषद