मुंहबोली बेटी हनीप्रीत पर 974 पन्ने की चार्जशीट, राम रहीम पर नरम क्यों खट्टर सरकार
- ये कैसे संभव हनीप्रीत को विदेश भागने का मुख्य आरोपी बना दिया बिना राम रहीम की जानकारी के
- जांच में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी से बढ़ सकती है मुश्किलें
मयंक तिवारी
रोहतक।
सीबीआई अदालत से 25 अगस्त को राम रहीम को सजा होने के बाद उसे विदेश ले जाने की साजिश मामले हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत को भले ही मुख्य आरोपी माना हो मगर पूरे प्रकरण से उसे दूर नहीं रखा जा सकता है। जानकारों की अगर माने तो बिना राम रहीम केे जानकारी के उसे विदेश ले जाया ही नहीं जा सकता है। एसआईटी से जुड़े लोग इस बात से इनकार नहीं करते हैं है कि आगे जांच में वह आरोपी नहीं हो सकता है।
हनीप्रीत का राम रहीम के लिए त्याग जग जाहिर है। अदालत में पेश चार्जशीट में उसने अपने कबूलनामे में कहा है कि इस साजिश की जानकारी उसकी मां नसीब कौर को थी। जांच कमेटी से जुड़े लोगों का मानना है कि राम रहीम के साजिश में शामिल होने की बात अब तक सामने नहीं आई है। हनीप्रीत सहित 15 लोग गिरफ्तार हुए हैं। जिनको जमानत न मिल जाय। इसके लिए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है। जांच में साजिश में राम रहीम के शामिल होने से इनकार भी नहीं करते हैं।
अदालत में सबूत के कारण कई बार नहीं बनाते हैं आरोपी
हरियाणा पुलिस के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक क हते हैं कि अभी जांच चल रही है। आगे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राम रहीम को आरोपी बनाया जा सकता है। कई बार पुलिस की मजबूरी होती है कि अदालत में पेश करने के लिए उसके पास सबूत नहीं होते हैं।
- रंजीव दलाल सेवा निवृत्त पुलिस महानिदेशक हरियाणा
बयान
मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। चार्जशीट में अगर राम रहीम का नाम नहीं है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चहिए। पुलिस जांच के दौरान राम रहीम को आरोपी बनाने के सीआरपीसी 319 के तहत आरोपी बना सकती है।
-डॉ. दीपक भारद्वाज पूर्व महासचिव बार एसोसिएशन रोहतक ।
राम रहीम से वकील ने की मुलाकात, हनीप्रीत के चार्जशीट की खबर से दिखा मायूस
सुनारिया जेल में बंद राम रहीम से मिलने के लिए उनका वकील गुरुदास आया था। जिसने दो बजकर 15 मिनट के बाद उससे 20 मिनट मुलाकात की। जेल सूत्रों की माने तो हनीप्रीत पर चार्जशीट की जानकारी उसे वकील के द्वारा दी गई होगी। इसके अलावा उस तक समाचार पहुंचने का कोई साधन नहीं है। जेल प्रबंधन की ओर से उसे अखबार भी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। जेल में वकील से मिलने के बाद काफी मायूस दिख रहा था। डयोढ़ी से निकलने के बाद वह धीरे-धीरे अपनी बैरक की ओर गया।
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: विदेश में रहने वाले अनुयायियों पर एसआईटी की नजर
: जेल में बंद आरोपियों को जमानत न मिल जाय इस लिए 90 दिन के भीतर दाखिल हुई चार्जशीट
: जिन मामलों में कम से कम 10 साल की सजा होती है उसमें 90 दिन में चार्जशीट दाखिल होती है।
: 10 साल से कम वाली सजा के अपराध में 60 दिन के भीतर पुलिस को चार्जशीट दाखिल करना होता है।
: राम रहीम को आरोपी बनाने से एसआईटी से जुड़े लोग नहीं करते हैं इनकार
: हनीप्रीत पर गुमराह करने व जांच में सहयोग न करने का था आरोप