स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल पर करंट से कर्मचारी की मौत
भिवानी
स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल पर करंट लगने से नगर परिषद कर्मचारी की मौत हो गई। यह हादसा समारोह खत्म होने के कुछ देर बाद हुआ। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और नगर परिषद कर्मचारियों ने अस्पताल में हंगामा किया। नौकरी और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग के लिए लोगों ने घंटाघर चौक करीब सात आठ घंटे जाम रखा। लोगों में नाराजगी इतनी थी कि विधायक और डीसी-एसपी के आश्वासन के बाद भी लोग टस से मस नहीं हुए। नौकरी व 20 लाख की मदद देने के डीसी-एसपी के लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने रात पौने 11 बजे जाम खोला।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को भीम स्टेडियम में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न होने के बाद मध्याह्न 12 बजे पंडाल में पोल हटाने का काम चल रहा था। नगर परिषद कर्मचारी सचिन पोल उखाड़ने लगा तो ऊपर से गुजर रही बिजली की तार से लोहे का पोल छू गया। सचिन (25) को जबरदस्त करंट का झटका लगा। उसे फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना के बाद परिजन और नगर परिषद कर्मचारी अस्पताल पहुंचे। नाराज परिजन व कर्मचारियों ने हंगामा किया। पुलिस के शांत करने की कोशिश भी नाकाम रही। नगर परिषद चेयरमैन रणसिंह यादव ने आश्वस्त किया कि मृतक के परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद भी लोगों की नाराजगी दूर नहीं हुई और अस्पताल से निकलकर घंटाघर चौक पर धरना देकर बैठ गए। लोगों को मनाने के लिए सीटीएम महेश कुमार पहुंचे। परिजनों व कर्मचारियों ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। प्रशासन ने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने आश्वासन लिखित देने की मांग की। लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। विधायक घनश्याम सर्राफ मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की। इसके बाद सीटीएम दौबारा मौके पर आए। विधायक व सीटीएम के प्रयास भी सिरे नहीं चढ़े।
करीब छह बजे डीसी डा. अंशज सिंह व एसपी सुरेंद्र भौरिया घंटाघर चौक पर पहुंचे और मृतक के परिजन व कर्मचारी नेताओं से बात की। डीसी ने सभी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग लिखित समझौते पर अड़े रहे। आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद भी लोग सड़क से उठने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद दोनों अधिकारी मौके से चले गए। इसी बीच धरनास्थल पर पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई। वॉटर कैनन वैन भी मौके पर तैनात कर दी गई। इसी दौरान वार्ता को जोड़ने की पहल सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं ने की। संघ के नेताओं ने मृतक के परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों से बात की और समझौते के लिए माहौल बनाया, लेकिन मृतक के परिजन लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बाद में प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने गया। आखिरकार रात साढ़े 10 बजे के करीब प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया। इस पर डीसी, एसपी, सीटीएम, नगर परिषद प्रधान, उपप्रधान, सचिव, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान, नगर परिषद संघ के पदाधिकारी के हस्ताक्षर हुए। सफाई कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव व कमल सिंह ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वो सरकार व प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरु कर देंगे।
--
विधायक को नहीं जाने दिया, गाड़ी के आगे अड़ गए युवक
करीब चार बजे विधायक घनश्यास सर्राफ पहुंचे और परिजनों से बात की। लेकिन, किसी भी मौखिक आश्वासन को मानने से साफ इनकार कर दिया। लोगों के रुख को देखते हुए विधायक ने जाने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उन्हें जाने नहीं दिया। कुछ युवक विधायक की गाड़ी के आगे अड़ गए। इसके बाद विधायक वापस लोगों के बीच आ गए। विधायक को लोगों ने धरने पर अपने बीच में ही बैठा लिया।