अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गोचरान भूमि को मुक्त कराने की मांग पर वीरवार को संत गोपालदास और उनके समर्थकों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है। संत के साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और उनके समर्थकों ने भी रोहतक से दिल्ली की पैदल यात्रा शुरू की। इससे पहले गोभक्तों ने मानसरोवर पार्क में हवन यज्ञ कर गोमाता की पूजा की।
तय कार्यक्रम के तहत मानसरोवर पार्क से संत गोपालदास और डॉ. अशोक तंवर और उनके समर्थक पैदल यात्रा के लिए दिल्ली रवाना हुए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गाय, गरीब और संत के नाम की राजनीति करती आई है। उन्होंने कहा कि संत गोपालदास की मांग जायज है। उन्होंने कांग्रेस सरकार में ऐसा न होने की बात को चूक बताया। तंवर ने कहा कि उसी समय संत की मांग पूरी हो जानी चाहिए थी।
संत गोपालदास ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा गाय की बात करती थी लेकिन अब गाय पॉलीथिन खाकर मर रही है। गोचरान भूमि पर कब्जों के कारण गाय सड़कों पर मर रही है। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अगर सरकार को अब भी कुछ दिखाई नहीं देता है तो जनता वोट की चोट से उनको सबक सिखाएगी। संत ने कहा कि अभी सरकार को जगाने के लिए दिल्ली तक पैदल यात्रा निकाली जा रही है।
स्वयं नंदी बने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
संत गोपालदास का स्वास्थ्य सही न होने के चलते उन्हें दिल्ली जंतर मंतर तक पैदल यात्रा के दौरान एक गाड़ी में ले जाया गया। इस गाड़ी को स्वयं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने नंदी बन कर खींचा। उनके साथ उनके समर्थक भी गाड़ी को खींचने में लगे हुए थे। वहीं पैदल यात्रा में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष बतरा भी मौजूद रहे।
इसके साथ ही कुछ आप पार्टी के कार्यकर्ता भी संत के समर्थन में दिल्ली कूच पर गए। पूर्व गृह राज्य मंत्री ने बताया कि उनकी यात्रा विभिन्न गांवों से गुजरती हुई वीरवार को गांव सिसाना की गोशाला में पड़ाव डालेगी। यात्रा का विभिन्न गांवों में पहुंचने पर स्वागत किया गया।
आगे गाय बीच में संत और पीछे वाहनों का काफिला
संत की दिल्ली पैदल यात्रा में सबसे आगे गोवंश था। बीच में संत समर्थकों के साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और संत गोपालदास थे। पीछे वाहनों का बड़ा काफिला था। इसके चलते मानसरोवर पार्क, सोनीपत रोड, शीला बाईपास और सोनीपत रोड पर कई जगह जाम जैसी स्थिति बनी रही।